*image credit IPRD

मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में आज मुख्यमंत्री सचिवालय के संयुक्त सचिव श्री रमाकांत सिंह ने जनसंवाद केंद्र में दर्ज लंबित शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने शिकायतों के निष्पादन में शिथिलता बरतने वाले गिरिडीह, पलामू, धनबाद, लातेहार व गढ़वा जिले को विशेष निदेश दिया कि एक अभियान के तहत शिकायतों के निष्पादन में गति लाएँ और समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने सभी जिलों व विभाग को निदेश दिया कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को पंचवर्षीय योजना नहीं बनाएँ। शिकायतों के निष्पादन में त्वरित कार्रवाई करते हुये समाधान की दिशा में कार्य करें। आज की बैठक में उन्होने 17 शिकायतों की विशेष समीक्षा की। रांची के नेपाल हाउस में लिंक डाउन रहने के कारण जल संसाधान विभाग, उच्च तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विभाग और कृषि व पशुपालन विभाग की समीक्षा नहीं हो सकी। 

जामताड़ा के गौरीशंकर पंडित की जमीन मकान सहित राष्ट्रीय राजमार्ग – 2 के निर्माण हेतु वर्ष 2012-13 में अधिग्रहित की गई थी,परंतु आज तक मुआवजे का भुगतान नहीं किया जा सका है। भू-अर्जन पदाधिकारी का कहना है कि अधियाचना अप्राप्त रहने के कारण भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस मामले में संयुक्त सचिव ने कहा कि इस मामले में जिले के अपर समाहर्ता खुद मामले  की समीक्षा करें व अविलंब मुआवजा भुगतान की दिशा में कार्रवाई करें। 

गुमला के मालम पंचायत के मुखिया श्यामल टोप्पो व अन्य के द्वारा बिना ग्राम सभा के गलत तरीके से योजनाओं की स्वीकृति और काम कराये बिना ही राशि की निकासी के मामले में पूछे जाने पर नोडल अधिकारी ने बताया कि इस मामले में जांच प्रतिवेदन में गड़बड़ी सामने आई है और सहायक अभियंता, कनीय अभियंता सहित अन्य दोषियों से स्पष्टीकरण की मांग की गई है। इसपर संयुक्त सचिव ने कहा कि सबंधित मामले पर जल्द से जल्द कार्रवाई करत हुए रिपोर्ट भेजे।

खूंटी के छेदी राम भुईयां को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 71 हजार 500 रुपए का भुगतान नहीं किया गया है। इस मामले में खूंटी के नोडल अधिकारी ने बताया कि आवंटन नहीं होने के कारण भुगतान नहीं किया जा सका है। राज्य से आवंटन की मांग की गई है। केंद्र सरकार के द्वारा राशि आवंटित किए जाने के बाद ही भुगतान किया जा सकता है। संयुक्त सचिव ने इस मामले में केंद्र से समन्वय स्थापित करते हुये भुगतान कराने की बात कही। 

अनुमंडल कार्यालय, दुमका में कार्यरत श्याम पोद्दार की पत्नी अर्चना पोद्दार कैंसर से पीड़ित हैं। इनका इलाज जसलोक हॉस्पिटल, मुंबई में चल रहा है। इलाज हेतु 7 लाख 26 हजार चिकित्सा प्रतिपूर्ति की  राशि का भुगतान नहीं किया जा सका है। इस मामले में पूछे जाने पर राजस्व एवं भू-सुधार विभाग के नोडल अधिकारी ने बताया कि चिकित्सा विपत्र व अन्य प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इन्हें 10 दिन के अंदर प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। 

सीसीएल, फुसरो (बोकारो) में कार्यरत संजय सिंह मार्च 2018 से रहस्यमय तरीके से लापता हैं। इस मामले में पुलिस को सूचना दिये जाने के बाद भी अब तक उनका कोई पता नहीं चल रहा है। इस मामले में पूछे जाने पर बोकारो के डीएसपी ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है, विशेष टीम का गठन कर लगातार जांच व कार्रवाई चल रही है। इस मामले में एआईजी टू डीजीपी डॉ. शम्स तबरेज ने निर्देश दिया कि इस मामले को गंभीरता से लें। तकनीकी प्रशाखा की मदद लें। साथ ही एसपी के साथ बैठकर मामले की समीक्षा करें। किसी भी कीमत पर इनकी सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करें। 

गढ़वा के रेशभ सिंह जेबीएनएल में 2010 से कार्यरत हैं। इन्हें जून 2017 से मानदेय का भुगतान नहीं होने की वजह से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। । इस मामले में ऊर्जा विभाग के नोडल अधिकारी ने आवंटन नहीं होने की बात कही। संयुक्त सचिव ने कहा कि ऐसे मामले में पूर्व में भी मुख्यमंत्री के सचिव ने निर्देश दिया है कि इस तरह की एजेंसी पर कार्रवाई करें। इस मामले में उच्च स्तरीय बैठक कर  कोई ठोस निर्णय लें। यह पूरे राज्य की बड़ी समस्या बनती जा रही है। 

ग्रामीण डेयरी सह दुग्ध शीतक केंद्र, लोहरदगा में चतुर्थवर्गीय पद पर कार्यरत चारूचन्द्र भगत की मृत्यु 2013 में सेवाकाल में ही हो गई थी,लेकिन इनके परिजनों को अनुकंपा के आधार पर अबतक इन्हें नियुक्ति नहीं मिल पायी है। जनसंवाद केंद्र में शिकायत आने के बाद कृषि व पशुपालन विभाग के उप सचिव ने कार्रवाई की बात कही, परंतु अब तक इनके परिजनों में से किसी को भी नियुक्ति पत्र नहीं मिला है। इस मामले में पूछे जाने पर लोहरदगा के नोडल अधिकारी ने बताया कि इनके पुत्र संजीत भगत को नियुक्ति देने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। विभागीय सचिव के अनुमोदन के पश्चात नियुक्ति पत्र दे दिया जाएगा।
 

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