छुट पुट घटना को अगर नजरअन्दाज़ कर दे तो झारखंड के 21 जिलों में हो रहे प्रथम चरण के पंचायत चुनाव शांति से हो रहा है। और मतदाताओं ने नक्सलियों की धमकी को डर किनार कर लाइन में लग कर करार जवाब दिया है।

ऐसा महसूस हो रहा है की नक्सली अपने बिल में घुसे पड़े हैं।और मतदाता पूरे जोश और उमंग के साथ अपने घरों से निकल कर मतदान केंद्रों तक पहुंच रहे थे और रहे हैं। नक्सलियों की मनाही के बावजूद वोटिंग कर रहे हैं।

बताना ज़रूरी है कि  जिन पंचायत और प्रखंडों में चुनाव हो रहा है, उनमें से कई प्रखंड नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पड़ते हैं। यहाँ दिनदहाड़े नक्सली उत्पात मचाते रहे है।लेकिन आज पंचायत चुनाव के दिन  उनका रंग फीका पड़ गया है।

उदाहरण के लिए रांची जिले के तमाड़ प्रखंड में  राजकीयकृत उत्क्रमित उच्च विद्यालय लुंगतु को लीजिए। ये नक्सलवाद क्षेत्र घोषित है।कल ही शुक्रवार को माओवादियों ने पर्चा छोड़ा था कि वोट नहीं करना है।

लेकिन यहां काफी उत्साह के साथ लोग वोट करने पहुंचे हैं। और कही भी किसी भी मतदाता के चेहरे पर कोई खौफ नहीं दिख रही है। इसी तरह लोहरदगा जिले के अति उग्रवाद प्रभावित पेशरार प्रखंड के हेंदेहास गांव में तो आलम यह है कि मतदाता 10 किलोमीटर दूर बने बूथ तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर पर सवार होकर वोट देने जाते नजर आए। 

इनमें महिला-पुरुष दोनों शामिल थे। इन्होंने मुंगो मतदान केंद्र पर वोट डाला। चुनाव आयोग के अनुसार, यहां सुबह 11 बजे तक 32.46 प्रतिशत मतदान की सूचना मिली है। यहां किस्को प्रखंड में 39.42 प्रतिशत और पेशरार प्रखंड में 18.68 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी है।

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