केन्द्रीय मंत्री ने बिरसा मुंडा की कर्मभूमि डोम्बारी बुरु में भी जाकर पुष्पांजलि अर्पित की | इस अवसर पर उन्होंने कहा की खूंटी से करीब 17 कि.मी दूरी पर स्थित डोम्बारी बुरु झारखण्ड की अस्मिता और संघर्ष का साक्षी है | यह स्थल बिरसा मुंडा और उनके लोगों के बलिदान की कर्मभूमि है | डोम्बारी बुरु यानी डोम्बारी पहाड़ ही उन्होंने अपनी सेना संग्रिहत की और अपनी विशिष्ट युद्ध कौशल से अंग्रजों के विरुद्ध क्रांति का आगाज किया |

श्री अर्जुन मुंडा ने भगवान बिरसा मुंडा कि जन्मभूमि उलीहातू में जाकर श्रधांजलि अर्पित कर वहां उपस्थित सभा को संबोधित किया | भारत सरकार लगातार प्रयत्नशील है की हम अपने पूर्वजों को उनके इतिहास को और उनके  बलिदान को हम अच्छे से समझे और उसे मनाएं | अगर हम इतिहास को  भूलते हैं तो हम खुद में गुम हो जायेंगे | 

इसलिए भारत सरकार कला एवं संस्कृति मंत्रालय का पूरा जोर है नाट्य के माध्यम से, प्रदर्शनी के माध्यम से, गद के माध्यम से गीत के माध्यम से और संगीत के माध्यम से हम ऐसे देश के प्रति समर्पित भगवान बिरसा मुड़ा जेसे असंख्य जीवन दान देने वालों का स्मरण करें |    

देश की आजादी के लिए आदिवासी योदाओं ने जो बलिदान दिया उस बलिदान के परिणाम स्वरूप जो सपना पूरा करने की जिम्मेदारी सरकारों की थी वो पूरा नहीं हुआ, पर 8 वर्षों से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जनजातीय समुदाय को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए प्रयत्नशील है |

इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत छात्रवृत्ति प्रदान की । केन्द्रीय मंत्री ने कहा की पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा, भोजन और घर उपलब्ध कराकर उनकी देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे बच्चों को शिक्षा और स्कॉलरशिप के जरिए सशक्त बनाने के साथ 23 साल की उम्र में 10 लाख रुपए की वित्तीय सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना में बच्चों का आयुष्मान कार्ड बनाकर हेल्थ इंश्योरेंस के जरिए ऐसे बच्चों की सेहत का भी ख्याल रखती है। इसके तहत उन्हें 5 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा।

इस दौरान खूँटी विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा, जिला सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार, अनुसूचित जनजातीय मोर्चा के प्रदेश मंत्री जगन्नाथ मुण्डा, भाजपा खूंटी प्रभारी, सत्यनारायण सिंह , अरुण चन्द्र गुप्ता, सहित कई लोगों ने माल्यार्पण किया। इसी क्रम में शहीद स्थल डोम्बारी बुरु स्थित आदमकद प्रतिमा में पूजा परम्परा के साथ माल्यार्पण किया। साथ ही, डोम्बारी बुरु के प्राकृतिक दृश्य के बीच शहीद प्रतीक स्थल का अवलोकन किया।

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