*रेटिना की जटिल सर्जरी करते हुए डॉक्टर विभूति कश्यप

झारखंड की राजधानी राँची में आँखों के इलाज के लिए कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल मशहूर रहा है।अब कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल पूर्वी भारत का पहला शिक्षण संस्थान बन गया है जहां विट्रियो रेटिनल सर्जरी की फेलोशिप की पढ़ाई को देश के राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता मिली है। 

इस बात की जानकारी अस्पताल के निदेशक और शहर के जाने-माने नेत्र चिकित्सक डॉ. बी पी कश्यप ने दी।इसके साथ यह झारखंड का एकमात्र अस्पताल बन गया जहां आँखों के पर्दे के सर्जरी का औपचारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। अस्पताल के रेटिना विशेषज्ञ डॉ. विभूति कश्यप ने बताया कि कई मापदंडों से गुजरने के बाद यह मान्यता प्राप्त की गई है। 

आँखों के रेटिना यानी पर्दे की सर्जरी आँखों की सबसे जटिल सर्जरी मानी जाती है। यह आँखों का सबसे लंबा चलने वाला ऑपरेशन होता है। राज्य के सबसे ज्यादा आँखों के पर्दे के मरीज इसी अस्पताल में ठीक किए गये हैं। अब अस्पताल के रेटिना विभाग को डॉ. विभूति कश्यप की देखरेख में चलाया जाता है जो झारखंड के एकमात्र एम्स प्रशिक्षित डबल एफ. आर. सी. एस. रेटीना सर्जन है।

3 साल पहले रेटिना एवं आँखों की नस के इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी जांच की सुविधा भी झारखंड बिहार में पहली बार कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में शुरू की गयी थी। आज यह जाँच वर्तमान समय में झारखण्ड -बिहार में सिर्फ कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में उपलब्ध है। हार्ट की इ.सी.जी. की तरह इस जांच में किसी भी प्रकार डाई का इस्तेमाल नहीं होता है। यह जाँच हार्ट डिजीज, किडनी की बीमारी डायबिटीज, ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए बहुत सुरक्षित है।

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