आजादी का अमृत महोत्सव के तहत ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सभी जिलों में 1-15 जुलाई तक “उद्यमिता विकास पखवाडा” का आयोजन किया जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय श्री एन.एन.सिन्हा ने ऑनलाइन माध्यम से किया।

सखी मण्डल से जुड़ी महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने के उद्देश्य से झारखंड में 1-15 जुलाई तक जिला एवं प्रखण्ड स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन झारखंड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है। 

आजीविका मिशन अंतर्गत नॉन –फार्म लाईवलीहुड के विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन को गति देते हुए ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने की पहल की जा रही है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

श्री सिन्हा ने आजीविका मिशन के अधिकारियों को ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित सभी उत्पादों की ब्रांडिंग, मार्केटिंग और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित करने के साथ ही उन्हें उद्यम से जोड़ने की आवश्यकता है। एग्रीकल्चर और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट एवं प्रोसेसिंग, मेडिकल आदि सेक्टरों में भी संभावनाएं तलाश कर महिलाओं को प्रशिक्षित करने की जरूरत है।

सचिव ने ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को ई-कॉमर्स के जरिए बड़े बाजार से जोड़ने का भी निर्देश दिया।आजीविका मिशन द्वारा महिलाओं के उत्पादों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने हेतु आजीविका सरस मेला का आयोजन, सरस गैलरी जैसे कई प्रयास किए जा रहे है। स्टार्टअप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (SVEP) और ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) के तहत भी महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने हेतु वित्तीय सहायता एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की सचिव श्रीमती अनीता प्रवीन ने कहा कि अब ग्रामीण महिलाएं माइक्रो फूड प्रोसेसिंग केंद्र जैसे उद्योगों में भी अपना हाथ आजमा रहीं हैं, जो प्रशंसनीय है।

कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारी, देश भर से आजीविका मिशन के अधिकारी एवं सखी मण्डल की महिलाएं उपस्थित थीं।

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