अपने को पत्रकार कहते थे।पुलिस उन्हें स्वतंत्र पत्रकार के रूप में जाँच शुरू की। अब ये झारखंड के स्वतंत्र पत्रकार रूपेश सिंह जेल में हैं।

कारण? पुलिस ने उन्हें सोमवार सुबह  घर से गिरफ्तार कर लिया था। उनकी गिरफ्तारी सरायकेला खरसांवा जिले के कांड्रा थाने में नवंबर 2021 में दर्ज एक पुराने मामले में की गई है। 

पुलिस ने ने आरोप लगाया है की ये पत्रकार भाकपा (माओवादी) के नेता प्रशांत बोस उर्फ किशनदा जो आरोपी हैं के लिए सूचना ओर पैसा वसूलते थे। पुलिस ने आरोप लगाया है कि रूपेश माओवादियों के लिए फंड का इंतजाम भी करते थे। 

एवी होमकर के,महानिरीक्षक, ने कहा है, 'रूपेश को रविवार को उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था और सोमवार को सरायकेला की अदालत में पेश किया गया था और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्हें जांच के माध्यम से एकत्र किए गए कई सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। वह माओवादियों और उनकी गतिविधियों से निकटता से जुड़ा हुआ है।

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