"भारत आज विशेष रूप से डिजिटल भुगतान में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है और नागरिकों के जीवन और शासन को बेहतर बनाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने में भी प्रमुख देश बन रहा है - भारत स्टैक और अन्य विभिन्न डिजिटल सरकारी समाधान पाने की इच्छा अब दुनिया के देश रखते हैं – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच को धन्यवाद जिससे भारत डिजिटल में नेतृत्व करता है और डिजिटल भारत को आगे ले जाता है" ।

इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर ने डिजिटल भुगतान और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के सफल मॉडल के बारे में बोलते हुए कहा, जो करोड़ों भारतीय नागरिकों को लाभान्वित कर रहा है।

2013 के बाद से ₹24.8 लाख करोड़ से अधिक डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए गए हैं, इसमें से अकेले वित्त वर्ष 2021-22 में ₹6.3 लाख करोड़ हस्तांतरित किए गए; प्रतिदिन (वित्त वर्ष 2021-22 में) औसतन 90 लाख डीबीटी भुगतान से ज्यादा किए गए हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 11वीं किस्त के तहत, लगभग ₹20,000 करोड़ रुपये सीधे 10 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए (एक दिन में एक बटन के क्लिक पर 10 करोड़ से अधिक लेनदेन)।

जहां तक ​​डिजिटल भुगतान का संबंध है, 2021-22 के दौरान 8,840 करोड़ से अधिक और वित्त वर्ष 2022-23 में (24 जुलाई 2022 तक) लगभग 3,300 करोड़ डिजिटल भुगतान के लेनदेन किए गए; एक दिन में औसतन 28.4 करोड़ डिजिटल लेनदेन किए गए।

डिजिटल एसेट्स (डीबीटी, जेएएम त्रिमूर्ति, एनपीसीआई आदि) के निर्माण में भारत की यह सफलता की कहानी एक उदाहरण हो सकती है जिससे न केवल 'विकासशील' बल्कि 'विकसित' देश भी सीख सकते हैं।

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