*Image by IPRD, Jharkhand

झारखंड के किसानों के फसल बीमा के प्रीमियम का भुगतान राज्य सरकार करेगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों की फसल का बीमा कराया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार अनुदान पर किसानों को वैकल्पिक खेती के लिए दलहन और तिलहन का बीज देगी। राज्य में हो रही बारिश और रोपा का प्रतिदिन का आंकड़ा कृषि विभाग इकट्ठा करेगी। एक अगस्त को राज्य में बरसात और रोपा के हालात पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक होगी। उक्त निर्देश मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य के आला अधिकारियों को दिये। वे आज झारखंड मंत्रालय में राज्य में कम बारिश और कृषि की स्थिति  पर समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बारिश की स्थिति को लेकर सरकार चिंतित है। स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। राज्य सरकार किसानों के साथ है। राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के हिस्से की प्रीमियम की राशि राज्य सरकार वहन करेगी, ताकि सुखाड़ की स्थिति में ज्यादा से ज्यादा किसान इससे लाभांवित हो सके। उन्हें फसल नष्ट होने पर नुकसान नही सहना पड़े।

बैठक में बताया गया कि अभी राज्य के छह जिलों में सामान्य बारिश हुई है। बाकी जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। 31 जुलाई तक स्थिति पर नजर रखी जायेगी। स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो एक अगस्त को बैठक कर आगे का निर्णय लिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि वैकल्पिक खेती के लिए दलहन और तिलहन के बीज का पर्याप्त स्टॉक रखें। जरूरत पड़ी, तो अनुदान पर ये बीज किसानों को उपलब्ध कराये जायेंगे। इनमें अरहर, मुंग, कुल्थी, मसूर, उड़द, सोयाबीन, मुंगफली आदि के बीज का स्टॉक किया जायेगा।

बैठक में कृषि मंत्री रणधीर सिंह, मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, विकास आयुक्त डीके तिवारी, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, कृषि सचिव पूजा सिंघल उपस्थित थे।
 

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