झारखंड सहित कई जगहों मे तेज होते कुर्मी आंदोलन का असर ट्रेनों के परिचालन पर पड़ा है। कई ट्रेनों के परिचालन का रूट बदला गया है तो कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। राउरकेला से पहले कलूंगा के पास भी कई ट्रेन घंटो से अटकी हुई हैं। 

ऐसा लगता है की कर्मी आंदोलन के कुर्मी नेता गन एक सोची समझी रननीति के तहत ट्रेनों के परिचालन पर ज़ोर दिया है। अगर वो धरना या रोड जाम करते तो राज्य सरकार पर इसका असर होता। लेकिन ट्रेनों के परिचालन को रोक कर कुर्मी नेता लोग केंद्र सरकार पर निशाना लगायें दिखते हैं।

जो भी हो उनका मूल डिमांड है की कुर्मी जाति को अनुसूचित जन जाति बनाया जाये।राज्य में हेमंत सोरेन सरकार इस कुर्मी आंदोलन के बारे में कोई बात नही की है।निष्कर्ष सामने है।

आंदोलन की वजह से आद्रा मण्डल एवं खड़गपुर मंडल में ट्रेनें रद्द कर दी गयी है इनमें 
1) ट्रेन संख्या 22892 रांची - हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन यात्रा प्रारंभ दिनांक 22/09/2022 को रद्द रहेगी | 2) ट्रेन संख्या 08641/08642 आद्रा - बरकाकाना - आद्रा मेमू पैसेंजर यात्रा प्रारंभ दिनांक 22/09/2022 को रद्द रहेगी | 3) ट्रेन संख्या 03598/03597 आसनसोल - रांची - आसनसोल मेमू पैसेंजर यात्रा प्रारंभ दिनांक 22/09/2022 को रद्द रहेगी | 4) ट्रेन संख्या 18036 हटिया - खड़गपुर एक्सप्रेस ट्रेन यात्रा प्रारंभ दिनांक 22/09/2022 को रद्द रहेगी | 5) ट्रेन संख्या 03595/03596बोकारो स्टिलसिटी - आसनसोल - बोकारो स्टिलसिटी मेमू पैसेंजर ट्रेन यात्रा प्रारंभ दिनांक 22/09/2022 को रद्द रहेगी |

लेकिन इसमें कोई सक  नही की अब कुर्मी जाति को आदिवासी में शामिल करने की मांग तेज हो गयी है। इस मांग को लेकर आंदोलनकारी रेलवे ट्रेक पर बैठे हैं। आंदोलन की वजह से पश्चिम बंगाल और झारखंड में कई जगहों पर हजारों की संख्या में कुर्मी समाज के लोग सड़क और रेलवे ट्रैक पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान लोगों ने ट्रेनों को रोक दिया। जिससे पश्चिम बंगाल और झारखण्ड में यात्राओं पर असर पड़ रहा है। 

झारखंड में कई जगहों पर इसे लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। नीमडीह रेलवे स्टेशन में तीन राज्यों के लोग एक साथ जुटे। यहां झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से कुड़मी/कुरमी समाज के महिला पुरुष जमा हुए हैं। कार्यक्रम में भाग लेने ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी हजारों संख्या में लोग पहुंचे हैं।

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read