संविधान दिवस व अधिवक्ता दिवस का आयोजन (NUSRL), काँके, राँची में  चल रहा है।अधिवक्ता परिषद्, झारखण्ड द्वारा संविधान दिवस सह अधिवक्ता दिवस दिनांक 26 नवम्बर से 5 दिसम्बर तक अपने राज्य में मना रहा  है ।

                 

उपरोक्त कार्यक्रम के तहत राँची (कांके स्थित नेशनल लॉ युनिवर्सिटी - सभागार) में आज सुबह  उद्घाटन समारोह आयोजित की गई जिसमे मुख्य अतिथि झारखण्ड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्री राजेश कुमार एवं विशिष्ट अतिथि झारखण्ड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्रीमती अनुभा रावत चौधरी, वहीं लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री लक्ष्मी नारायण भाला, अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद् के क्षेत्रीय मंत्री श्री सुनिल कुमार, झारखण्ड स्टेट बार कॉउंसिल के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र कृष्णा, बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य श्री प्रशांत कुमार सिंह, वरीय अधिवक्ता झारखण्ड उच्च न्यायालय सह कार्यक्रम संरक्षक श्री अनिल कुमार कश्यप, अधिवक्ता परिषद् झारखण्ड के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र कुमार मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। 

इस अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय न्यायमूर्ति श्री राजेश कुमार ने कहा कि वर्तमान कानून एक सामान्य नागरिक के समझ से परे है इसलिए कानून को ऐसा सुलभ और सरल बनाना चाहिए कि यह सामान्य नागरिक को पूरी तरह से समझ मे आये क्योंकि देश का हर नागरिक कानून व्यवस्था के अन्तर्गत ही जीवन-यापन करता है। 

वहीं लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री लक्ष्मी नारायण भाला जी ने प्रथम एवं द्वितीय सत्र में भारतीय संविधान की विशेषताओं पर विशेष प्रकाश डाला तथा संविधान पर अपने द्वारा लिखी गई पुस्तक मे दिये गये चित्रों का अवलोकन कराया तथा संविधान के बारे में जानकारी देते हुए भारतीय संविधान के मूल विषयों का विस्तृत वर्णन किया। तथा संविधान के निर्माण के समय बनी वन मैन कमिटी के बारे में विस्तृत जानकारी दी और संविधान को कैसे और सरलीकृत किया जाये इस पर विस्तृत चर्चा की। अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद् के क्षेत्रिय मंत्री श्री सुनील कुमार ने विषय प्रवेश करवाया तथा धन्यवाद ज्ञापन वरीय अधिवक्ता श्री अनिल कुमार कश्यप ने किया।

इस अवसर पर झारखण्ड उच्च न्यायालय के वरीय अधिवक्ता श्री आर0 एन0 सहाय एवं वरीय अधिवक्ता श्री राजीव शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे मंच संचालन श्री राजकुमार शर्मा एवं श्री संतोष पाण्डेय दोनो उपाध्यक्ष अधिवक्ता परिषद् झारखण्ड के द्वारा किया गया। 

              

इसके अलावा झारखण्ड राज्य अधिवक्ता परिषद् के महामंत्री श्री विजयनाथ कुँअर, प्रशांत विद्यार्थी, कृष्णगोपाल निताई, प्रभात कुमार सिन्हा, रितेश कुमार बॉबी, राधेकृष्ण गुप्ता, भीम महतो, मनोज कुमार, पवन कुमार पाठक, हराधन प्रामणिक, श्रीमति नीता कृष्णा, श्रीमति साधना कुमार, श्रीमति वंदना राय, श्रीमति इंदु परासर, श्रीमति लीना मुखर्जी, श्रीमति विभा बक्शी, सतेन्द्रनाथ गंझू, रवि प्रकाश, मिथलेश कुमार पाण्डेय, प्रवीण कुमार पाण्डेय तथा कई गणमान्य वरीय अधिवक्ताओं के साथ-साथ विभिन्न जिलों से आये प्रतिनिधि तथा प्रदेश के सभी पदाधिकारीगण की विशेष रूप से गरिमामय उपस्थिति थी। 

 

आगे होने वाले तीसरे एवं समारोप सत्र में अधिवक्ता परिषद् द्वारा आयोजित मूट कोर्ट के विजेताओं को पुरस्कार वितरण के अलावा अधिवक्ताओं के उत्तरदायित्व एवं सदाचार नामक गोष्ठी आयोजित की जायेगी। इस कार्यक्रम मे झारखण्ड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्री आनंदा सेन तथा झारखण्ड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति श्री दीपक रौशन मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि होंगे। यह जानकारी अधिवक्ता परिषद् झारखण्ड के प्रदेश मीडिया सह प्रमुख श्री रीतेश कुमार बॉबी, अधिवक्ता, झारखण्ड उच्च न्यायालय के द्वारा दी गयी।

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