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मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र द्वारा आयोजित मंगलवार को सूचना भवन में सरकार के अपर सचिव रमाकांत सिंह ने साप्ताहिक समीक्षा के दौरान 22 मामलों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान पहली बार दुमका के गोपीकांदर प्रखण्ड के सुरजुडीह पंचायत सचिवालय में उपस्थित वीडियो कोन्फ़्रेसिंग के जरिये ग्रामीणों से बातचीत की। एक शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत के निष्पादन के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। शिकायतों की समीक्षा के दौरान गिरिडीह, धनबाद, पाकुड़, पलामू, व दुमका जिले के नोडल अधिकारियों को शिकायतों के निष्पादन में गति लाने का निर्देश दिया। 

जामताड़ा के मुनव्वर आलम का प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत लोन स्वीकृति के बाद भी एसबीआई, मुरलीपहाड़ी के शाखा प्रबंधक द्वारा लोन स्वीकृत नहीं किये जाने के मामले में अपर सचिव के पूछने पर संबन्धित पदाधिकारी ने बताया कि 1 सप्ताह में इनका लोन स्वीकृत कर दिया जाएगा। श्री सिंह ने मामले में शिथिलता बरते जाने पर कहा कि बैंक की लापरवाही के कारण ही प्रधानमंत्री रोजगार सृजन का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता है। उन्होंने सभी बैंक को नवम्बर तक अपने लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया।  

पाकुड़ के जारची पंचायत अंतर्गत फ़तेहपुर गाँव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण अबतक नहीं होने पर नोडल पदाधिकारी ने बताया कि भवन का निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है। वर्ष 2010 से भवन का निर्माण कार्य कनीय अभियंता की देखरेख में चल रहा था। इस संबंध में 2014 में पाकुड़ के उपायुक्त को लिखित आवेदन दिया गया था। इसपर सिंह ने संबन्धित विभाग को फॉलोअप का निर्देश दिया। 

गिरिडीह के बीरबल यादव को मनरेगा के तहत सिंचाई कूप के निर्माण पूर्ण होने के 4 वर्ष बाद भी प्राक्कलित राशि का भुगतान नहीं होने पर अपर सचिव ने विभाग को 15 दिन के अंदर राशि भुगतान करने का निर्देश दिया। 

चतरा जिले के इटखोरी प्रखण्ड के राजवर गाँव में आईटीआई कॉलेज की स्थापना के 5 वर्ष बाद भी अबतक नामांकन शुरू नहीं होने पर अपर सचिव ने श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के नोडल अधिकारी को अविलंब पदसृजित करने का निर्देश दिया।

जमशेदपुर के शिक्षा अधीक्षक पर शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता का आरोप सत्यापित होने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर विभाग द्वारा इस संबंध में अपर सचिव को बताया कि शिक्षा अधीक्षक के खिलाफ 3 सदस्यीय जांच समिति का गठन कर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नियमानुसार कार्रवाई करने और अविलंब इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।  

दुमका अनुमंडल कार्यालय में कार्यरत श्याम पोद्दार की कैंसर पीड़ित इलाजरत पत्नी की चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि अबतक नहीं मिलने पर अपर सचिव को विभाग के नोडल अधिकारी ने बताया कि आवंटन की प्राप्ति नहीं होने के कारण अबतक भुगतान नहीं किया जा सका है। इसपर श्री सिंह ने राजस्व अधिकारी को 7 दिनों के अंदर राशि भुगतान कर मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया। 

धनबाद की दुष्कर्म पीड़िता (दिव्यांग मूक-बधिर) को न्यायालय से आदेश के 3 वर्ष के बाद भी अबतक प्रावधान के अनुसार देय भुगतान नहीं मिलने पर नोडल अधिकारी ने जानकारी दिया कि पीड़िता को 20 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि मामले को जिला विधिक प्राधिकार समिति में रखा जाए ताकि पीड़िता को अन्य देय मुआवजे राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। 

चतरा के रियाज मियां को मनरेगा के तहत डोभा निर्माण कि स्वीकृति मिली थी, परंतु पंचायत सेवक, मुखिया एवं रोजगार सेवक द्वारा अवैध रूप से राशि निकासी कर ली गयी। इस संबंध में नोडल पदाधिकारी ने अपर सचिव को बताया कि डोभा निर्माण के लिए चिन्हित जमीन का पारिवारिक बंटवारा नहीं होने के कारण निर्माण नहीं हो पाया था। अधिकारी ने बताया कि अब बंटवारा हो चुका है और वरीय पदाधिकारी से जांच करवाई जा रही है। सिंह ने कल तक रिपोर्ट अपलोड करने का निर्देश दिया। 

दुमका के गव्य विभाग में कार्यरत अमित कुमार की वर्ष 2014 में नक्सलियों द्वारा बम धमाके में मृत्यु होने और उनके आश्रितों ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी एवं पेंशन नहीं दिये जाने पर डीएसपी, दुमका ने अपर सचिव को बताया कि उनके पुत्र उस समय बालिग नहीं थे। उनकी पत्नी ने अपने भतीजे को नौकरी देने का आग्रह किया था, जिसे अस्वीकृत कर दिया गया था। नोडल अधिकारी ने बताया कि गृह विभाग से उनके पुत्र आरजू कुमार को नौकरी देने के संबंध प्रतिवेदन अप्राप्त है। उन्होंने जानकारी दी कि मृतक के परिवार को पेंशन, शिक्षण शुल्क एवं अन्य सभी देय लाभ भुगतान किया जा चुका है, आवास भत्ता की राशि रसीद प्राप्त होने पर कर दी जाएगी। नोडल पदाधिकारी ने यह भी बताया की इस बात की जांच चल रही है कि यदि उनकी मृत्यु सेवाकाल के दौरान हुई है और इसकी पुष्टि होती है तो उनके आश्रितों को 10 लाख का मुआवजा भी दिया जाएगा। सिंह ने मृतक के पुत्र आरजू कुमार से वीडियो कोन्फ़्रेसिंग से बात कर जल्द ही नियुक्ति दिलाने का आश्वासन दिया। इसके अलावा जिरवा गाँव के राजकीयकृत मध्यविद्यालय में कार्यरत रसोइयों के 2 वर्ष से लंबित मानदेय का 1 सप्ताह में भुगतान का निर्देश दिया गया।  
 

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