झारखंड में अधिवक्ताओं का अदालती कार्य बहिष्कार आज शनिवार  को भी जारी रहेगा।जिस तरह शुक्रवार को व्यवहार न्यायालयों और जिला समाहरणालय परिसरों की अदालत में अधिवक्ता पहुंचे जरूर थे पर उन्होंने एडवोकेट बैच धारण नहीं किया और न ही किसी कार्य में हिस्सा लिया, उसी तरह आज भी अधिवक्ता लोग अदालती कार्य बहिष्कार कर रहें हैं।

झारखंड स्टेट बार काउंसिल के आह्वान पर राज्य भर के अधिवक्ता न्यायालय कार्य से बाहर रहे. रांची जिला समाहरणालय परिसर स्थित व्यवहार न्यायालय, फैमिली कोर्ट,  सीबीआइ कोर्ट,  पीएमएलए कोर्ट तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारियों की अदालत में कोई काम नहीं हुआ.अधिवक्ताओं ने किसी की पैरवी तक नहीं की।

फिर आठ जनवरी को सभी जिलों के बार एसोसिएशन के पद धारियों के साथ बार काउंसिल की आवश्यक बैठक होगी,  जिसमें आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जायेगा. 

स्टेट बार काउंसिल की तरफ से वैसे अधिवक्ताओं पर भी नजर रखी जा रही है, जो शुक्रवार को अदालती कार्य में शामिल हुए थे।

झारखंड में अधिवक्ताओं का अदालती कार्य बहिष्कार का मूल कारण कोर्ट फीस में बढ़ोत्तरी है। हेमंत सोरेन सरकार द्वारा कोर्ट फीस में बढ़ोत्तरी की गई है।जिसके खिलाप अधिवक्ताओं की माँग है की सरकार कोर्ट फीस संशोधन विधेयक वापस ले॥

इसी माँग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है. सरकार से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट भी लागू करने की मांग की गयी है.

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