रामकृष्ण मिशन आश्रम, रांची के प्रमुख स्वामी भवेशानन्द जी महाराज ने युवा अधिवक्ताओं और विधि छात्रों का आह्वान किया कि भारत माता का सर्वांगीण उत्थान और विकास के लिये  आम आदमी का निर्माण, महिला  सशक्तिकरण,सामाजिक कुरीतियों को दूर करना , संस्कारयुक्त समाज का निर्माण करना , अपनी संस्कृति को अक्षुण्ण रखना , जातिप्रथा की कमजोरी को दूर करना , देश का पुनर्जागरण करना ही स्वामी विवेकानंद जी का संदेश है.

स्वामी जी का जादुई मंत्र से शिक्षित बेरोजगारी दूर करने की बात बताई जिसमें विद्यालयीन शिक्षा - नैतिक शिक्षा - कारीगरी युक्त  शिक्षा प्रणाली अपनाने पर जोर दिया था .अधिवक्ताओं को धर्म आधारित अर्थोपार्जन करने को कहा. उन्होंने उक्त बातें अधिवक्ता परिषद, झारखण्ड द्वारा स्वामी विवेकानंद की 160 वीं जयन्ती को युवा अधिवक्ता दिवस पखवाड़े के रूप में मनाये जाने के अवसर पर रांची के मोराबादी स्थित रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कहीं.

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विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार रखते हुए राष्ट्रीय एकल अभियान के वरीय उपाध्यक्ष श्री ज्ञानब्रम्ह पाठक ने स्वामी विवेकानंद के संदेश " उठो जागो       पर विस्तृत चर्चा करते हुए उनके मनुष्य जाति के उत्थान , युवा शक्ति को संस्कारयुक्त राह दिखाने की बात की साथ ही  कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद शिला स्मारक से संबंधित जानकारियां दीं.

समारोह में अतिथियों का स्वागत करते हुए परिषद के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र कुमार मिश्र ने परिषद के कार्यकलापों न्यायकेन्द्र चलाने , न्याय शिविर लगाने , जनहित के मुद्दों को बल देने हेतु जनहित याचिकाएं दायर करने में मदद देने और समाज के निर्बल व निचले तबकों के लोगों को सरल - सुलभ - त्वरित न्याय दिलाने में मदद का भरोसा दिलाया . उन्होंने स्वामी विवेकानंद को हिन्दू दर्शन को विश्व पटल पर आलोकित करने वाला अधिवक्ता बताया . स्वामीजी को  विधि ब्यवसाय से संबंधित कार्य करने वाले परिवार के अपने दादा,पिता का वंसज बताते हुए विवेकानंद जी द्वारा विधि की पढ़ाई करने की भी चर्चा की.

इससे पूर्व दीप प्रज्वलन करके स्वामी जी एवं भारत माता के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की .राष्ट्रीय गीत बन्दे मातरम् का गायन श्रीमती किरण पुष्पा खोया ने करने के बाद  समारोह प्रारम्भ हुआ .मंच का संचालन श्री राधाकृष्ण गुप्ता ने और धन्यवाद ज्ञापन श्री मनोज कुमार ने किया.

समारोह में उपस्थित प्रमुख अधिवक्ताओं में सर्वश्री कृष्ण गोपाल निताई,प्रदीप कुमार चौरसिया , मिथिलेश कुमार पाण्डेय,विजय कुमार पाण्डेय, सत्येन्द्र नाथ गोंझू ,बलिराम प्रसाद जायसवाल,राज कुमार,भीम महतो ,प्रमोद कुमार गुप्ता,विजय कुमार पाठक,किशन माहेश्वरी,अखौरी अंजनी कुमार,अमरदीप प्रजापति , बख्शी विभा,लीना मुखर्जी,पूनम कुमारी ,ज्योति कच्छप,अमन कुमार आदि.

**भारत माता का सर्वांगीण उत्थान करना ही, स्वामी विवेकानंद का युवा अधिवक्ताओं को संदेश ** ,स्वामी भवेशानन्द ने कहा.

रामकृष्ण मिशन आश्रम, रांची के प्रमुख स्वामी भवेशानन्द जी महाराज ने युवा अधिवक्ताओं और विधि छात्रों का आह्वान किया कि भारत माता का सर्वांगीण उत्थान और विकास के लिये  आम आदमी का निर्माण ज़रूरी है.

साथ में  महिला  सशक्तिकरण,सामाजिक कुरीतियों को दूर करना , संस्कारयुक्त समाज का निर्माण करना , अपनी संस्कृति को अक्षुण्ण रखना , जातिप्रथा की कमजोरी को दूर करना , देश का पुनर्जागरण करना ही स्वामी विवेकानंद जी का संदेश है.

स्वामी जी का जादुई मंत्र से शिक्षित बेरोजगारी दूर करने की बात बताई जिसमें विद्यालयीन शिक्षा - नैतिक शिक्षा - कारीगरी युक्त  शिक्षा प्रणाली अपनाने पर जोर दिया था.

अधिवक्ताओं को धर्म आधारित अर्थोपार्जन करने को कहा. उन्होंने उक्त बातें अधिवक्ता परिषद, झारखण्ड द्वारा स्वामी विवेकानंद की 160 वीं जयन्ती  को युवा अधिवक्ता दिवस पखवाड़े के रूप में मनाये जाने के अवसर पर रांची के मोराबादी स्थित रामकृष्ण मिशन विवेकानंद विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कहीं.

विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने विचार रखते हुए राष्ट्रीय एकल अभियान के वरीय उपाध्यक्ष श्री ज्ञानब्रम्ह पाठक ने स्वामी विवेकानंद के संदेश " उठो जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रोको नहीं" पर विस्तृत चर्चा करते हुए उनके मनुष्य जाति के उत्थान , युवा शक्ति को संस्कारयुक्त राह दिखाने की बात की साथ ही  कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद शिला स्मारक से संबंधित जानकारियां दीं.

समारोह में अतिथियों का स्वागत करते हुए परिषद के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र कुमार मिश्र ने परिषद के कार्यकलापों न्यायकेन्द्र चलाने , न्याय शिविर लगाने , जनहित के मुद्दों को बल देने हेतु जनहित याचिकाएं दायर करने में मदद देने और समाज के निर्बल व निचले तबकों के लोगों को सरल - सुलभ - त्वरित न्याय दिलाने में मदद का भरोसा दिलाया . उन्होंने स्वामी विवेकानंद को हिन्दू दर्शन को विश्व पटल पर आलोकित करने वाला अधिवक्ता बताया . स्वामीजी को  विधि ब्यवसाय से संबंधित कार्य करने वाले परिवार के अपने दादा,पिता का वंसज बताते हुए विवेकानंद जी द्वारा विधि की पढ़ाई करने की भी चर्चा की.

इससे पूर्व दीप प्रज्वलन करके स्वामी जी एवं भारत माता के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की .राष्ट्रीय गीत बन्दे मातरम् का गायन श्रीमती किरण पुष्पा खोया ने करने के बाद  समारोह प्रारम्भ हुआ .मंच का संचालन श्री राधाकृष्ण गुप्ता ने और धन्यवाद ज्ञापन श्री मनोज कुमार ने किया .समारोह में उपस्थित प्रमुख अधिवक्ताओं में सर्वश्री कृष्ण गोपाल निताई,प्रदीप कुमार चौरसिया , मिथिलेश कुमार पाण्डेय,विजय कुमार पाण्डेय, सत्येन्द्र नाथ गोंझू ,बलिराम प्रसाद जायसवाल,राज कुमार,भीम महतो ,प्रमोद कुमार गुप्ता,विजय कुमार पाठक,किशन माहेश्वरी,अखौरी अंजनी कुमार,अमरदीप प्रजापति , बख्शी विभा,लीना मुखर्जी,पूनम कुमारी ,ज्योति कच्छप,अमन कुमार आदि। यह जानकारी अधिवक्ता परिषद झारखंड के प्रदेश मीडिया सह प्रमुख श्री रीतेश कुमार बॉबी अधिवक्ता झारखंड उच्च न्यायालय के द्वारा दी गयी।

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