*Image credit IPRD, Jharkhand

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि श्री गुरु गोविंद सिंह ने मानव जाति को जीने की कला सिखाई। समरसता एवं समभाव से युक्त समाज जहां कोई ऊंच-नीच ना हो, भेदभाव ना हो ऐसे आदर्श समाज की संकल्पना श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने की थी । आइए आज के दिन हम सभी संकल्प लें कि जो जीवन दर्शन श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने मानव जाति को दिया उसे अपने जीवन में आत्मसात करें और इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए श्री गुरु गोविंद सिंह जी के बताए हुए मार्ग के अनुसरण से मानव समाज का कल्याण होगा। वे आज जमशेदपुर में सिखों के दशम गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व महोत्सव के अवसर पर कदमा गुरुद्वारा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री दास नेे कहा कि श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने अपनी संस्कृति की रक्षा की और उसके लिए अपने जीवन को भी बलिदान किया। यह भारतवर्ष सदैव उनका ऋणी रहेगा । जो सीख गुरु ने हमें दी वह आज भी हमारे लिए प्रासंगिक है । राष्ट्र को सर्वोपरि रखने की भावना हर देशवासी के अंदर रहे और एक ऐसा भारत जहां अमीर और गरीब की खाई ना हो। ऊंच और नीच का भेदभाव ना हो ऐसा समरस समाज भारत में स्थापित हो यह कामना हम सब करें और उनके बताए हुए मार्ग पर चलकर जीवन में आगे बढ़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि आने वाले समय में राज्य उत्तरोत्तर विकास के पथ पर अग्रसर होगा। कुदरत ने हमें इतनी संपत्ति दी है कि वर्ष 2022 तक दुनिया के विभिन्न देशों के विकसित राज्यों के समकक्ष झारखंड होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रेलवे के परिचालन,पेंट्रीकार और जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं को सुना और कहा कि सरकार निश्चित रूप से सभी मुद्दों पर गंभीरता पूर्वक विचार करेगी और जनहित में जो भी उचित होगा उस पर निर्णय लिया जाएगा ।

इस अवसर पर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के वाइस चेयरमैन गुरुदेव सिंह राजा, सेंट्रल गुरुद्वारा के प्रधान इंदरजीत,राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सदस्य कुलविंदर सिंह बंटी तथा बड़ी संख्या में अन्य लोग उपस्थित थे ।
 

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