*Images by IPRD

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वीं जयंती वर्ष समारोह को पूरे धूमधाम से मनाना है। इसमें हर किसी की भागीदारी सुनिश्चित करनी है। सालभर के आयोजन से गांधी जी के विचार और दर्शन को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। झारखंड के परिप्रेक्ष्य में महात्मा गांधी के जीवन का क्या महत्व है, इसपर काम करने की जरूरत है। उक्त बातें राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहीं। वे राजभवन में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष समारोह के आयोजन की रूपरेखा तय करने के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने गांव को विशेष महत्व दिया। हमें भी युवा पीढ़ी को जागरूक करना है। स्कूली बच्चों को इस आयोजन से जोड़ना चाहिए। बापू से संबंधित आर्ट, सेमिनार, वर्कशॉप आदि का आयोजन सालभर होता रहे। पदयात्रा, प्रभातफेरी, स्लोगन लेखन आदि को भी बढ़ावा देना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि ग्रामों में गाँधी जी के दर्शन व चिंतन का व्यापक प्रचार-प्रसार हो तथा महिलाओं को भी गाँधी जी के दर्शन से जोडें। उन्होंने कहा कि राज्यपाल सम्मेलन में भी माननीय प्रधानमंत्री द्वारा कहा गया कि हमारे अधिक-से-अधिक युवा उच्च शिक्षा ग्रहण करें, ऐसा प्रयास है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने कहा था कि भारत की आत्मा ग्रामों में बसती है। ग्रामों की स्थिति में सुधार लाकर राष्ट्र की उन्नति की दिशा में अहम प्रयास कर सकते हैं। इस परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालय/महाविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थी ग्रामों में जायें और वहाँ जन-कल्याण में संचालित सरकारी योजनाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाय।
 

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समारोह में माननीय राज्यपाल महोदया की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक में सभी राजनीतिक दलों, गांधीवादी विचारधारा के लोगों, सामाजिक संस्थाओं, धर्मगुरुओं समेत अन्य लोगों की जल्द मुख्य बैठक होगी। इसमें सभी से सुझाव लिये जायेंगे। उस बैठक में एक वर्किंग कमेटी का गठन किया जायेगा। जो लगातार बैठकें कर आयोजन की रूपरेखा और उसके क्रियान्वयन को देखेगी। मुख्यमंत्री ने 2 मई 2018 को माननीय राष्ट्रपति की अध्यक्षता में हुई बैठक जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों तथा देश के गांधीवादी विचारधारा से जुड़े लोग भी सम्मिलित हुए थे वहां सामने आए सुझावों और विचारों को बैठक में रखते हुए कहा कि झारखंड में महात्मा गांधी की जयंती वर्ष पर ऐसे कार्यक्रम किए जाए ताकि नयी पीढ़ी को महात्मा गांधी के विचारों और उनके योगदान को सही अर्थों में समझने और जानने का अवसर मिल सके। अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ना हमारा उद्देश्य होना चाहिए।ऐसा कार्यक्रम जिसमें पूरे झारखण्ड की भागीदारी हो।

बैठक में विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने सुझाव दिया कि इसमें ग्राम प्रधानों को भी जोड़ें। उनके अलावा सांसद रामटहल चौधरी, महेश पोद्दार, खादी बोर्ड के अध्यक्ष संजय सेठ, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति रमेश चंद्र, रामकृष्ण मिशन के भवेशानन्द, चेंबर अध्यक्ष दीपक मारू राँची विश्वविद्यालय डा रमेश कुमार पाण्डेय, कुलपति, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय पी कौशल, प्रो सरस्वती मिश्रा, दर्शन शास्त्र विभाग, राँची विश्वविद्यालय ने भी अपने सुझाव दिये। 

बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, राज्यपाल के प्रधान सचिव नीतिन मदन कुलकर्णी, गृह विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन एवं पुलिस मुख्यालय के महानिदेशक पी.आर.के. नायडू,  नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह, कला संस्कृति विभाग के सचिव राहुल शर्मा, पर्यटन निदेशक संजीव बेसरा समेत अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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