झारखंड में पीएम केयर फंड से कुल 38 पीएसए प्लांट लगाए जाएंगे। सभी पीएसए प्लांट छह से आठ सप्ताह में बनकर तैयार हो जाएंगे। पीएसए प्लांट में दो टेक्निकल पर्सन को प्रतिनियुक्त किया जाएगा। सभी प्लांट में एक-एक नोडल अफसर नियुक्त किए जाएंगे, जिनके कंप्लीट को-आर्डिनेशन में सारा काम किया जाएगा। इन प्लांट्स के इंस्टॉलेशन का जिम्मा 3 संस्थानों को दिया गया है। 

डीआरडीओ 29 प्लांट्स को इंस्टॉल करेगी। सीएमएसएस 4 और एचआईटीईएस को 5 पीएसए प्लांट को इंस्टॉल करने का जिम्मा दिया गया है। वहीं, साइट प्रिपरेशन की जिम्मेवारी भी 3 संस्थाओं को दी गयी है। 28 साइट प्रिपरेशन का काम एनएचएआई, पांच राज्य सरकार और पांच सीपीडब्ल्यूडी द्वारा किया जाएगा। 

झारखंड के अस्पतालों में 38 PSA प्लांट की स्थापना के बाद अब 4630 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मिलेंगे। ये कंसंट्रेटर दो प्रकार के होंगे। 5 लीटर प्रति मिनट की क्षमता के 1636 कंसंट्रेटर मिलेंगे तो 10 लीटर प्रति मिनट की क्षमता के 2994 ऑक्सीजन कंसंट्रेर मिलेंगे। 

इन ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर का इस्तेमाल जिलों के सदर अस्पताल के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के सीएचसी, पीएचसी और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर किया जाएगा। इसके लिए राज्य स्तर से प्रखंड स्तर पर नोडल ऑफिसर की नियुक्ति की जाएगी। केंद्र सरकार की तरफ से अलग से ट्रेनिंग दी जा रही है। ताकि इनका समुचित इस्तेमाल किया जा सके। 

केंद्र सरकार की तरफ से ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर के इस्तेमाल की मॉनीटरिंग के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मैनेजमेंट इंफोर्मेशन सिस्टम (OCMIS) नाम का पोर्टल बनाया गया है। संबंधित नोडल अधिकारी को इसके इस्तेमाल की हर रोज की जानकारी यहां अपलोड करनी होगी। इतना ही नहीं इसके सही संचालन के लिए जरूरी बिजली व अन्य चीजों का बंदोबस्त भी संबंधित अधिकारी को करना होगा। अगर नहीं हो पा रही है तो इसकी जानकारी भी पोर्टल पर देनी होगी। 

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