आज झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल ने झारखण्ड के मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का से मुलाकात कर झारखण्ड राज्य के सेवानिवृत्त पत्रकारों के हित में पत्रकार पेंशन योजना को लागू करने के लिए मांग पत्र सौंपा।

मुख्य सचिव से प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का ने बताया कि इसके लिए अलग से राशि कैसे उपलब्ध की जाये इसे लेकर अन्य राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन कर निर्णय लिया जाएगा।

ज्ञात हो कि वर्ष 2000 में झारखंड राज्य की स्थापना के बाद से सेवानिवृत्त पत्रकारों की लंबे समय से लंबित मांग को देखते हुए, राज्य सरकार ने उन्हें पेंशन देने पर सहमति व्यक्त की थी।

राज्य मंत्रिमंडल ने 'झारखंड पत्रकार पेंशन योजना' 2019 को मंजूरी दी थी और राज्य के राज्यपाल द्वारा इसे मंजूरी देने के बाद राज्य सरकार द्वारा नियमों और विनियमों के एक सेट को अधिसूचित किया गया था। 
 
दो वर्ष बीत जाने के बाद भी झारखंड पत्रकार पेंशन योजना 2019 को अबतक लागू नहीं किया गया है। जिससे सेवानिवृत्त पत्रकारों को अनकही वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है।

जेजेए के संस्थापक सह भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के राष्ट्रीय महासचिव शाहनवाज हसन ने मुख्य सचिव एवं प्रधान सचिव से कोरोना महामारी से मरने वाले दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।श्री हसन ने बताया कि तमिलनाडु, हरियाणा एवं अन्य राज्य सरकार की तर्ज पर झारखण्ड सरकार दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को मुआवजा दे।

आज मुख्य सचिव एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव से मिलने वालों में शाहनवाज हसन, देवेंद्र सिंह एवं अनुपम शेषांक शामिल थे।

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