*All images by IPRD, Jharkhand

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दुमका में निर्मित मयूराक्षी शिल्क का अवलोकन किया   इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पूरे भारत का 82 प्रतिशत तसर का उत्पादन झारखंड में होता है तथा झारखंड के दुमका जिले में तसर का उत्पादन राज्य में सबसे अधिक होता है। उन्होंने कहा कि वैल्यू एडिशन प्लांट लगाकर यहां के लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे जीससे कोकून उत्पादन करने वाले किसानों को बेहतर आमदनी होगी तथा इससे उनके जीवन स्तर में सुधार देखने को मिलेगा। पूरे भारत में ही नहीं पूरे विश्व में तसर सिल्क की मांग है।  दुमका जिला में मयूराक्षी सिल्क का निर्माण हो रहा है। जिसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री उद्यमी बोर्ड के तहत तसर बोर्ड का भी गठन किया गया है। आने वाले समय में मयूराक्षी सिल्क की मार्केटिंग बेहतर ढंग से की जाएगी ताकि मयूराक्षी शिल्क को एक अच्छा बाजार मिल सके।  डिजाइनर के माध्यम से मयूराक्षी सिल्क को और भी बेहतर बनाया जाएगा। वर्तमान समय में महिलाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए मयूराक्षी शिल्क कि डिजाइनिंग की जाएगी जिससे बाजार में  मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन राज्य विकास की एक नई लकीर खींच रहा है। हम सबका साथ सबका विकास के मंत्र के साथ कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तसर उत्पादन के साथ-साथ मधु उत्पादन, लाह की खेती भी सरकार की प्राथमिकता है। श्री दास ने कहा कि जहां-जहां मधु का उत्पादन होता है सरकार वैसे जगहों पर प्रोसेसिंग प्लांट भी लगवा रही है । इससे स्थानीय लोगों को एक बेहतर रोजगार मिलेगा । लाह के लिये भी अलग बोर्ड बनाया गया है और इसके लिए भी सरकार प्रोसेसिंग प्लांट लगवा रही है । उन्होंने कहा कि सरकार विशेष रूप से इन पर ध्यान दे रही है । लाह से निर्मित चूड़ियों का कच्चा माल झारखंड अन्य राज्यों को उपलब्ध करा रहा है । सरकार की मंशा किसानों को दोगुनी आय उपलब्ध करानी है । किसान समृद्ध होगा तो राज्य भी समृद्ध बनेगा। उन्होंने कहा कि बजट में प्रावधान भी किया गया है की वैसे क्षेत्र जहां पर्यटक आते हैं वहाँ पर हाट की व्यवस्था की जाए ताकि हस्तकलाकारों को भी बाजार मिल सके और उनके जीवन स्तर में सुधार आये। उन्होंने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में कार्य कर रही है ताकि राज्य से गरीबी को खत्म किया जा सके ।

इस अवसर पर दुमका के उपायुक्त मुकेश कुमार ने माननीय मुख्यमंत्री रघुवर दास को मयूराक्षी सिल्क के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी भी दी ।

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read