Representational Pic courtesy Financial Express

There is a need to stop wastage of food,said Public Relations Director Awadhesh Kumar Pandey.

Panddy was speaking today in a seminar organized on Food Security issues in Ranchi.

A press release issued by public relations department in Hindi said as follows :

खाद्य पदार्थों की बर्बादी को रोकने की दिशा में पहल करने की आवश्यकता है। आवश्यकतानुसार ही खाद्य पदार्थों का उपयोग किया जाना चाहिएएताकि इसकी बर्बादी न हो और जरूरतमंद व्यक्तियों के द्धारा इसका उपयोग किया जा सके। उक्त बातें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक श्री अवधेश कुमार पांडेय ने ष्खाद्य सुरक्षा एवं पोषण के लिएः खाद्य प्रणाली में स्थायित्वष् विषय पर आयोजित सेमिनार में कही।सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सभाकक्ष में आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और सामुदायिक खाद्य एवं पोषण विस्तार ईकाईएरांची की ओर से किया गया।

श्री पांडेय ने कहा कि हमारे यहां मसाले युक्त खाने का अधिक उपयोग होता हैएजो स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। बच्चों में भी जंक फुड खाने की प्रवृति बढ़ रही हैएजिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। अभिभावकों को इस संबंध में अपने बच्चों को समझाने की जरूरत है।

सदर हॉस्पिटल के एण्सीण्एमण्ओण् डॉ एमण् सेनगुप्ता ने कहा कि भोजन के तौर.तरीके और उसमें मौजूद पोषक तत्व को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का अभाव है। प्राकृतिक पोषक तत्वों को उसी अवस्था में ग्रहण किया जायएजिस रूप में वो हैं। तभी हमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मिल पाएंगे।

साबुत अनाजए खाद्य भोज्य पदार्थों का महत्व बताते हुए समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक राजीव रंजन ने कहा कि झारखंड में खाद्य पदार्थों में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व मौजूद हैएलेकिन सही तरीके से हम उसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। जिससे उनका पोषक तत्व कम हो जाता है। खाद्य सुरक्षा और पोषण की राह में गरीबी सबसे बड़ी समस्या नहीं हैएबल्कि सबसे बड़ी समस्या हमारी सोंच है।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की उप निदेशक श्रीमती स्नेहलता एक्का ने कहा कि विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थों को हमें अपने भोजन में शामिल करना चाहिए। आंवलाए ईमलीए पपीता इत्यादि पोषक तत्व से भरपूर हैंएफिर भी हम इन्हें अपने खाने में ज्यादा शामिल नहीं करते हैं। पोषक तत्व से भरपूर खाद्य साम्रगियों के उपयोग के संबंध में लोगों को जागरूक करने की दिशा में मीडिया को पहल करनी चाहिए।

--------------------------Advertisement--------------------------1000 days of Hemant Govt

must read