चास प्रखंड स्थित सुनता पंचायत के 65 वर्षीय लिलवर मांझी की आखों में खुशी के आंसू उस समय छलक गए, जब उन्हें पेंशन स्वीकृति का प्रमाण पत्र मिला। लिलवर मांझी ने रुंधे गले से अपनी संथाली भाषा में कहा, अडी सरहाव सरकार, जय हो आपे या द्वर आपे रेन सरकार (धन्य सरकार... जय हो सरकार आपके द्वार...)। गौरतलब है कि लिलवर की वर्षों पुरानी मांग आज पूर्ण हो गई। कई बार वृद्धावस्था पेंशन के लिए पंचायत/अंचल कार्यालय में आवेदन दिया। किसी न किसी कारण से आवेदन लंबित रह जाता था, लेकिन इस बार आपके अधिकार-आपकी सरकार आपके द्वार के माध्यम से उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई, उन्हें उनका अधिकार प्राप्त हुआ।

*सिर्फ 45 मिनट में बना जाति प्रमाणपत्र*

जामताड़ा जिला के करमाटांड़ प्रखंड स्थित जेरूवा ग्राम निवासी शोभि पहाड़िया स्नातक के छात्र हैं। वे पिछले पांच सालों से जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए प्रखण्ड कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे। इसके बाद डुमरिया पंचायत भवन में आयोजित आपके अधिकार- आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में वे अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। उनकी समस्या सुनकर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने इसकी जानकारी अंचल अधिकारी को दी। इसके बाद अविलंब कागजी कार्रवाई करते हुए सिर्फ 45 मिनट में ही शोभि पहाड़िया को जाति प्रमाणपत्र निर्गत किया गया। शोभि ने कहा कि जिस काम के लिए वह लंबे समय से परेशान थे, वह काम तुरंत हो गया।

*दिव्यांगजनों के घर पहुंच रहा ट्राईसाईकिल और प्रमाणपत्र*

हजारीबाग के कटकमदाग प्रखण्ड के मसरातू निवासी दीपक कुमार रजक (39 वर्ष) और विनोद ठाकुर (44 वर्ष) दिव्यांग हैं। वे चलने में असमर्थ हैं। कोई साधन नहीं होने पर वे शिविर तक नहीं पहुंच सके थे। जब इसकी जानकारी मसरातू पंचायत में आयोजित शिविर में उपायुक्त को मिली, तो प्रशासन की टीम दोनों व्यक्तियों के घर पहुंची। दोनों के पास दिव्यांगता प्रमाणपत्र भी नहीं था, इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा था। प्रशासन की ओर से दोनों दिव्यांगजनों को ट्राईसाईकिल प्रदान किया गया। इसके साथ ही उन्हें दिव्यांगता प्रमाणपत्र भी दिया गया। ठंड से बचने के लिए कंबल भी प्रदान किए गए। दीपक कुमार रजक और विनोद ठाकुर ने कहा कि उन्होने कल्पना भी नहीं की थी कि उनकी समस्या का समाधान इतनी जल्दी और आसानी से हो जायेगा।

*द्वार तक पहुंच रहा प्रशासन*

आपके अधिकार-आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के जरिये जिला प्रशासन लोगों के द्वार तक पहुंच रहा है। उन्हें जनउन्मुखी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। जनता को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें तत्काल राहत पहुंचाई जा रही है। अभी तक इस कार्यक्रम के माध्यम से 4,58,667 आवेदनों में 2,04,257 मामले निष्पादित किये जा चुके हैं। इसके अलावा 2,48,805 मामलों को निष्पादित करने की प्रक्रिया जारी है।

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