*Image credit IPRD, Jharkhand

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि जीवन बहुमूल्य है, यह सबसे बड़ी पूंजी है इसे बचाए रखना हम सब की जिम्मेदारी है। हम सभी को अपने नागरिक होने का कर्तव्य निभाना चाहिए। हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए कोई दूसरा हमें कहे, इसका मौका नहीं देना चाहिए। जब हम सभी ट्रैफिक नियमों का पालन करने लगेंगे, तो दुर्घटनाओं में खुद-ब-खुद कमी आ जाएगी। मुख्यमंत्री आज होटल बीएनआर चाणक्य में सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी के दुर्घटनाग्रस्त होने पर उस मां-परिवार की क्या स्थिति होती है, यह कल्पना से बाहर की बात है। इसलिए लोग जोश में कोई ऐसी गलती ना कर बैठे, जिसका दर्द परिवार वालों को जीवन भर सताए। सरकार ने सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए काफी कदम उठाए हैं। इनका असर दिख भी रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में वर्ष 2017-18 में सड़क दुर्घटनाओं में 17.5 प्रतिशत की कमी आयी है। इसके अलावा सरकार ने कानून भी बनाए हैं, जो नियमों का पालन नहीं करेंगे सरकार उनसे कड़ाई से निपटेगी। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों के प्राचार्यों के साथ नियमित बैठक करें और उन्हें निर्देश दें कि जो छात्र बिना हेलमेट के आते हैं, उन्हें स्कूल से निष्कासित कर दें। इसी प्रकार जो वाहन चालक शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े जाएं, उनकी गाड़ी का लाइसेंस, ट्रांसपोर्ट का लाइसेंस रद्द कर दिया जाए। इससे दबाव बनेगा और स्थितियां सुधरेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें 2022 तक ऐसा झारखंड बनाना है, जो दुर्घटना रहित हो। परिवहन विभाग समय-समय पर विभिन्न संस्थाओं, कॉलेजों आदि में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें। स्कूलों के पाठ्यक्रम में भी इसे शामिल करने का सुझाव काफी अच्छा है। सड़क पर पैदल और साइकिल में चलने वाले लोगों की काफी संख्या है, उनका भी ध्यान सरकार को रखना है। इनके लिए भी जो व्यवस्था करनी है, वह करें। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री श्री सीपी सिंह ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस लोगों को परेशान ना कर, उन्हें संवेदनशील बनाएं ताकि वह ट्रैफिक के नियमों का पालन करें। 

कार्यक्रम में परिवहन सचिव राहुल शर्मा समेत बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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