*झारखंड की नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टर भारती कश्यप राष्ट्रीय आईएमए अध्यक्ष से उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए राष्ट्रीय आई एम ए का प्रतिष्ठित डॉक्टर ज्योति प्रसाद गांगुली मेमोरियल अवार्ड लेते हुए*

राष्ट्रपति द्वारा नारी शक्ति पुरस्कार 2017 से सम्मानित डॉ भारती कश्यप  को कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं. आज उन्हें चौथी बार राष्ट्रीय आइएमए द्वारा सम्मानित किया जा रहा है. डॉ भारती कश्यप को आइएमए के *डॉ ज्योति प्रसाद गांगुली मेमोरियल अवार्ड* से सम्मानित किया जा रहा है. आइएमए का यह अवार्ड सामाजिक कार्यों में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है।

झारखंड की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर भारती कश्यप को हमेशा से ही अपनी डॉक्टरी पेशे के साथ-साथ सामाजिक कार्यों की वजह से जाना जाता है।

डॉ भारती कश्यप को इन सराहनीय कार्यों के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुका है। इसमें एक और सम्मान जुड़ गया है।

डॉक्टर भारती कश्यप को महिलाओं के कैंसर के उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे अभियान और गरीब तबके के लोगों की दृष्टि सुरक्षा, खासकर बच्चों की दृष्टि सुरक्षा के अभियान के लिए राष्ट्रीय आईएमए का डॉ ज्योति प्रसाद गांगुली मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

डॉ भारती कश्यप इस सम्मान की हकदार ऐसे ही नहीं बनी, बल्कि उनकी कड़ी मेहनत और लगन का नतीजा है कि उन्हें इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. दृष्टि सुरक्षा अभियान के अंतर्गत उन्होंने झारखंड के ऐसे नक्सल प्रभावित इलाके में जाकर काम किया, जहां जाने के नाममात्र से लोगों के पसीने छूट जाते हैं.

ये  झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 20 लाख से ज्यादा गरीब बच्चों के आंखों की जांच की साथ ही सारंडा, लातेहार, पलामू, खूंटी और रांची के दूर-दराज के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के वैसे सैकड़ों बच्चों की मोतियाबिंद सर्जरी की, जिन्होंने मोतियाबिंद से ग्रसित होने के बाद स्कूल छोड़ दिया था। इन सब के साथ-साथ इन बच्चों को निशुल्क चश्मे भी दिए, ये सभी बच्चे फिर से स्कूल जाने लगे हैं। 

2021 में रांची के स्लम एरिया एवं अगल बगल के गांवों के लिए विशेष दृष्टि सुरक्षा अभियान हर सप्ताह चलाया जा रहा है जिसमें निःशुल्क चश्मा भी दिया जाता है और गरीबों का मुफ्त मोतियाबिंद का ऑपरेशन भी किया जाता है।

आपको बता दें कि डॉ भारती कश्यप ने अपने पति डॉक्टर बी पी कश्यप के साथ संयुक्त भागीदारी कर 1995 में संयुक्त बिहार-झारखंड का पहला नेत्रदान एवं नेत्र प्रत्यारोपण किया था. पति डॉ बी पी कश्यप के साथ मिलकर एन ए बी एच मान्यता प्राप्त सुपर स्पेशलिटी आंखों के अस्पताल एवं आई बैंक ट्रस्ट की भी स्थापना की है।

उन्होंने महिलाओं के कैंसर उन्मूलन के लिए भी कई अभियान चलाया है. जब डॉ भारती कश्यप को 2015 में झारखंड की विमेन डॉक्टर्स विंग आईएमए की चेयरपर्सन की जिम्मेदारी मिली, तब से झारखंड में महिलाओं के कैंसर उन्मूलन के लिए वे चार आयामी अभियान झारखंड में चला रही हैं. इनके नेतृत्व में झारखंड आईएमए के विभिन्न डॉक्टर्स विंग द्वारा दूर-दराज के इलाकों में मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाता है और जननांग के इंफेक्शन से ग्रसित महिलाओं में किट टू और किट सिक्स की गोलियां भी दी जाती है क्योंकि जननांग संबंधी इंफेक्शन के ही कुछ मरीजों को आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा रहता है। इन मेगा स्वास्थ्य कैंप में ही कोलपोस्कोपी गाइडेड क्रायो ट्रीटमेंट द्वारा सर्वाइकल प्री कैंसर को जड़ से खत्म कर दिया जाता है।

राज्य के 23 सरकारी सदर अस्पतालों में से 11 सदर अस्पताल में सर्वाइकल कैंसर की पहचान और उपचार के लिए निशुल्क मशीनों को लगवाया है. इतना ही नहीं रांची के सदर अस्पताल में डॉ भारती कश्यप ने खुद की वित्तीय सहायता से इस मशीन को लगवाया।

स्त्री रोग विशेषज्ञों (कैंसर) द्वारा झारखंड के सरकारी क्षेत्रों में पदस्थापित स्त्री रोग विशेषज्ञों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविरों का भी लगातार आयोजन किया जाता है. जिससे सभी स्थानीय सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों द्वारा स्थानीय महिलाओं का इलाज नियमित रूप से चलता रहे. 

झारखंड में विमेन डॉक्टर्स विंग की पहल पर झारखंड सरकार ने प्रजनन क्षमता वाली 6% महिलाएं जिनको लक्षण है, उनकी स्क्रीनिंग का लक्ष्य सरकारी अस्पतालों द्वारा तय किया है. वह दिन दूर नहीं जब झारखंड देश का पहला सर्वाइकल कैंसर मुक्त राज्य बनेगा। इसी को देखते हुए 26 फरवरी 2022 को सर्वाइकल प्री कैंसर की पहचान और उपचार की मशीनों के साथ ब्रेस्ट कैंसर की पहचान के लिए मशीनें भी जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में लगाई जा रही है जिसका फायदा नीचले तबके की महिलाओं को मिलेगा।

इन्होंने कई गरीब लोगों के जीवन में रोशनी लाने का काम किया है। साथ ही महिलाओं को कैंसर से बचाने में भी इनका प्रयास सराहनीय है। राज्य को ऐसे और डॉक्टरों की जरूरत है जो गरीबों और असहाय के लिए जी-तोड़ काम करें।

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