*image credit IPRD, Jharkhand

मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने आज सीधी बात में कहा कि सभी सिविल सर्जन जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करना सुनिश्चित करें। अपने निरीक्षण की रिपोर्ट हर महीने उपायुक्त को सौंपे। वहीं शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु मुख्यमंत्री ने जिला शिक्षा अधीक्षक व प्रखण्ड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को नियमित रूप से विद्यालयों के निरीक्षण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी अधिकारी नियमित रूप से विद्यालय का निरीक्षण करें तो विद्यालयों की स्थिति में सुधार होगा और बच्चे भी नियमित होंगे। मुख्यमंत्री आज मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में दर्ज शिकायतों की समीक्षा के दौरान सूचना भवन में राज्य भर से आए फरियादियों से सीधी बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कुल 16 मामलों की समीक्षा की। जिले के उपायुक्त, आरक्षी अधीक्षक व विभागीय सचिवों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये। 

सिमडेगा के सलगापोस्ट स्वास्थ्य उपकेंद्र में एक चिकित्सक प्रतिनियुक्त थे परंतु कभी उपस्थित नहीं रहते थे। इस वजह से ग्रामीणों को काफी समस्या होती थी। औचक निरीक्षण के क्रम में उनके अनुपस्थित पाये जाने पर उनका वेतन रोक दिया गया। अब तक उक्त अस्पताल में न तो कोई चिकित्सक आते हैं और न तो दवाइयों का वितरण किया जाता है। इस मामले में मुख्यमंत्री ने उपायुक्त को जांच करते हुये दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश भी दिया। साथ ही सिविल सर्जन को नियमित रूप से स्वास्थ्य केन्द्रों के निरीक्षण का निर्देश दिया । 

गुमला के दोलंगसेरा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में जलस्तर नीचे चले जाने के कारण बच्चों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है तथा मध्याह्न भोजन के लिए भी 1 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। इस मामले में मुख्यमंत्री ने अविलंब डीप बोरिंग कराने व उसके मोनिटीरिंग करने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि किसी भी स्कूल में कोई समस्या नहीं हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि विद्यालय में बच्चों को समस्या का सामना नहीं करना पड़े। 

गिरिडीह जिले के राजधनवार प्रखण्ड के गोदोडीह टोला में मनगो नदी पर बनाया गया पुल 4 वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हो गया है। इस वजह से ग्रामीणों को आवाजाही में काफी संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में पूछे जाने पर गिरिडीह के उपविकास आयुक्त ने बताया कि उक्त पुल की मरम्मत अनाबद्ध राशि से कराने हेतु प्राक्कलन तैयार कर लिया गया है। उपायुक्त से स्वीकृति प्राप्त कर शीघ्र इसका मरम्मत करा लिया जाएगा। इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि अविलंब पुल की मरम्मत कराएं। 

राँची में सेवानिवृत डीआईजी बिगलाल उरांव के द्वारा घर निर्माण कराने के बाद 17 मजदूरों को भुगतान नहीं किया जा रहा था। मजदूरों को मजदूरी मांगने पर जान से मारने की धमकी  दी जा रही है।  इस मामले में पूछे जाने पर एसएसपी राँची ने बताया कि उनके विरुद्ध एक लिखित शिकायत ले ली गई है। वहीं मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के नोडल अधिकारी को तुरंत एक मामला दर्ज करते हुये कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। 

रामगढ़ के सदर अस्पताल में कार्यरत 160 कर्मियों का मानदेय भुगतान नहीं हो पा रहा था। 4 माह से मानदेय भुगतान नहीं होने के कारण इनकी आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। इस बात की शिकायत आने पर विभाग के द्वारा बताया गया कि आवंटन के अभाव इन्हें भुगतान नहीं हो पा रहा है। इस संदर्भ में पूछे जाने पर रामगढ़ की उपायुक्त ने बताया कि कल शाम को आवंटन प्राप्त हो गया है। एक दो दिन में भुगतान कर दिया जाएगा। 

जमशेदपुर में स्वर्ण रेखा परियोजना में भूमि अधिग्रहण के 32 साल  बाद भी  किसानों को विकास पुस्तिका नहीं दी जा रही है। समस्या को लेकर किसान बीते कई सालों से गुहार लगा रहे हैं परंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस मामले में मुख्यमंत्री ने अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने बताया कि संबन्धित अधिकारी से बात हुई है, 15 दिन के अंदर सबको विकास पुस्तिका उपलब्ध करा दिया जाएगा। 

लातेहार के जय गोविंद साव की पत्नी की मौत इलाज के क्रम में गुरु नानक अस्पताल राँची में हो गई थी। तब इलाज का पूरा पैसा नहीं होने के कारण अस्पताल वालों ने 30 हजार बकाया रखकर शव दे दिया था। अब 30 हजार नहीं दे पाने के कारण उन्हें मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा है और अस्पताल के द्वारा जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। इस बात पर मुख्यमंत्री ने राँची के उपायुक्त को अविलंब संज्ञान लेते हुये प्रमाणपत्र दिलाने की निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि इनकी राशि माफ कराते हुये प्रमाण पत्र दिला दिया जाएगा। साथ ही पूर्व में मुख्यमंत्री राहत कोष से घोषित राशि 1 लाख रुपए देने का भी निर्देश मुख्यमंत्री ने उपायुक्त लातेहार को दिया। 

राज्य भर में लगातार हो रहे वज्रपात की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने राज्य के नागरिकों को सतर्क रहने की आग्रह किया। उन्होने कहा कि नागरिकों को चाहिए कि बिजली कड़कने व चमकने की स्थिति में सतर्क रहें व सुरक्षित रहें। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा दिये गए निर्देशों का पालन करें। साथ ही उन्होने आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया कि लोगों के बीच वज्रपात से बचने के उपायों का प्रचार प्रसार करें। किसी घटना दुर्घटना की स्थिति में सरकार द्वारा घोषीत सहायता राशि का भुगतान समय पर हो, इसका अनुपालन भी सुनिश्चित करें। 
 

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