झारखंड विधानसभा में आज साहिबगंज मनिहारी फेरी घाट पर जहाज हादसे के मामले पर हंगामा हुआ। बजट सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी विधायकों ने हंगामा कर दिया। सरकार से पूछा गया कि वह बताए कि कितने लोग डूबे हैं। साहिबगंज के DC, SP पर केस दर्ज करने की मांग की गई।

भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछले साल ही इस मामले में CM को पत्र लिखा था। कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंत्री आलमगीर आलम ने कहा, जानकारी लेकर इसका जवाब देंगे। दोषी अफसरों पर कार्रवाई होगी। भाजपा के विधायक नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष पहुंच गए। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्ष 2021 में ही उन्होंने स्टोन चिप्स की कालाबाजारी को लेकर बिहार और झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि यह अवैध धंधा बहुत पहले से चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह अवैध धंधा DC और SP के देखरेख में हो रहा है। उन्होंने दोषी पदाधिकारी पर कार्रवाई की मांग की साथ ही पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग की।

झामुमो विधायक लॉबिन हेम्ब्रेम ने कहा कि जो जहाज दुर्घटना ग्रस्त हुई है, उस पर अवैध तरीके से पत्थर जा रहा था. कहा कि उनके ही विधानसभा क्षेत्र से पत्थर जाता है। लगातार वह इस बात को सदन में उठाते रहे हैं। उन्होनें कहा कि फेरी घाट से ओवर लोडेड ट्रक जाता है। राजस्व की हानि हो रही हैतुरंत जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो। विधायक अनंत ओझा ने कहा कि मनिहारी साहिबगंज फेरी सेवा चलती है।

रात के अंधेरे में अवैध कारोबार होता है। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि साहिबगंज में फेरी घाट संचालित है। जिस पर दो वर्ष बिहार का और दो वर्ष झारखंड का अधिकार रहता है। इस जगह से पेशेनज़र से लेकर मालवाहक दोनों चलता है। कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार पूरी जानकारी ले रही है। कहा कि अवैध खनन की जानकारी नहीं है। जानकारी लेकर कार्रवाई करेंगे। मंत्री के जवाब के बाद विपक्ष के सदस्य वेल में आकर हंगामा करने लगे। स्पीकर बार बार विधायकों से आसान पर बैठने का आग्रह करते रहे लेकिन हंगामा जारी रहा। बाद में स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।

सदन दोबारा शुरू होने पर सरकार ने इस मामले में जवाब दिया है। मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जहाज खराब था। रिपेयर हो रहा था। दुर्घटना बिहार की सीमा में हुई है। मामले की जांच की जाएगी। साहिबगंज के अपर समाहर्ता को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। कमेटी में 4 सदस्यों को रखा गया है। बिहार व झारखंड की ओर से संयुक्त राहत अभियान चलाया जा रहा है।

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