झारखंड में जेएसएससी (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की संशोधित नियमावली के खिलाफ दाखिल याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में आज बुधवार को सुनवाई हुई।

संशोधित नियमावली के अनुसार, राज्य सरकार ने सामान्य वर्ग के लिए 10वीं और 12वीं की परीक्षा राज्य के संस्थानों से ही पास करने की शर्त लगाई है और भाषा के पेपर से हिंदी और अंग्रेजी को बाहर कर दिया गया है।
 
सुनवाई के दौरान अदालत ने इससे संबंधित पूरे रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद राज्य सरकार से कई सवाल पूछे। अदालत ने कहा कि किस आधार पर राज्य सरकार ने सामान्य वर्ग के लिए 10वीं और 12वीं की परीक्षा राज्य के संस्थानों से ही पास करने की शर्त लगाई है और भाषा के पेपर से हिंदी और अंग्रेजी को बाहर कर दिया गया है। 

इस मामले में राज्य सरकार की ओर से वरीय अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पक्ष रखते हुए कहा कि वह स्वयं इस मामले से संबंधित दस्तावेज को देखना चाहेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक कर उचित सलाह देंगे। उनकी ओर से इसके लिए समय की मांग की गई, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले में अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।

Advertisement
Advertisement
Campaign: STEELCITY-020326
Displayed on:
Advertisement
Advertisement
Campaign: SMENT-030326
Displayed on:

must read