झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में सुनवाई हुई। उन्हें 66 दिन बाद डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामले में बैल मिली है।

कोर्ट ने इस मामले में सभी पक्षों को सुना। इसके बाद अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट में दलील दी गई कि लालू प्रसाद यादव 40 महीने जेल में गुजार चुके हैं जो आधी सजा 30 महीने से भी ज्यादा है।
हाईकोर्ट ने लालू को सशर्त जमानत दिया है जिसमें लालू यादव को CBI कोर्ट की ओर से सजा के साथ मुकर्रर किए गए जुर्माना राशि की आधी राशि कोर्ट में जमा करनी होगी। लालू को 3 शर्तों पर बेल मिली है। जिसमें 10 लाख के निचले मुचलके की राशि जमा करने के साथ-साथ जमानत के दौरान हाईकोर्ट से परमिशन लिए बिना लालू को देश से बाहर नहीं जाने की इजाजत नहीं होगी। साथ ही वे अपना मोबाइल नंबर और पता भी नहीं बदलेंगे।

पिछली सुनवाई के दौरान CBI ने अदालत से काउंटर एफिडेविट दायर करने के लिए समय दिए जाने का आग्रह किया था। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया था कि लालू यादव ने सजा की आधी अवधि से 11 महीने ज़्यादा सजा काट चुके है। 15 फरवरी 2022 को लालू यादव को इस मामले में दोषी ठहराया गया था।

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