आज की परिस्थिति को देखते हुए अधिवक्ताओं के आर्थिक कल्याण एवं उनकी सामाजिक सुरक्षा पर झारखण्ड बार कॉउंसिल पूरी तरह से सजग है एवं इससे सम्बंधित कानून को लागू करवाने हेतु झारखण्ड बार कॉउंसिल कृत संकल्प है तथा इसकी रूप रेखा भी तैयार कर ली गयी है इसकी रूप रेखा में किसी भी तरह के बदलाव तथा सुधार के लिए सभी अधिवक्तागण स्वतंत्र है एवं अपना सुझाव दे सकते है | 

उपर्युक्त बातें मुख्य वक्ता के रूप में झारखण्ड बार कॉउंसिल के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र कृष्णा ने झारखण्ड /बिहार अधिवक्ता परिषद के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित स्टडी सर्किल रुपी वर्चुअल बेबिनार को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने बहुत विस्तार से दर्जनों ऐसी बातों का उल्लेख किया जिसके तहत अधिवक्ताओं के आर्थिक एवं सामाजिक कल्याण के बातें निहित थी एवं उसपर अधिवक्ताओं को अपनी राय रखने का भी अनुरोध किया | 

इस वर्चुअल वेबीनार में विशिष्ट अतिथि के रूप में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री सुनील कुमार उपस्थित थे एवं उन्होंने कहा कि जब अधिवक्ता सक्षम होंगे तभी राष्ट्र भी सक्षम होगा | तथा उन्होंने ऐसे स्टडी सर्किल की हर महीने आयोजन करने पर विशेष जोड़ दिया | मौके पर अधिवक्ता परिषद् झारखण्ड के प्रांतीय अध्यक्ष श्री राजेन्द्र मिश्रा ने मुख्य वक्ता द्वारा लाये गए प्रस्ताव का जोड़दार स्वागत किया एवं आगे की रूप रेखा पर अपने विचार रखे | जबकि कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता परिषद झारखण्ड इकाई के स्टडी सर्किल प्रमुख अखौरी अंजनी कुमार ने किया |

 इस वर्चुअल वेबिनार में झारखण्ड के महामंत्री विजय नाथ कुंवर, केंद्रीय संगठन के विशिष्ट आमंत्रित सदस्य प्रशांत कुमार सिंह, प्रदेश मंत्री नीता कृष्णा, जनहित याचिका प्रमुख सुनील कुमार, न्यायप्रवाह प्रमुख मनोज कुमार, प्रांत मीडिया सह प्रमुख रीतेश कुमार बॉबी, अनुपम कुमार, रांची व्यवहार न्यायालय अधिवक्ता परिषद् अध्यक्ष प्रदीप कुमार चौरसिया, महामंत्री विजय कुमार पाण्डेय, सचिव सुरोजीत रॉय, प्रमोद कुमार गुप्ता, लीना मुख़र्जी के अलावा कई गण-मान्य अधिवक्ता विशिष्ट रूप से इस वेबिनार में उपस्थित थे | यह जानकारी झारखण्ड राज्य मीडिया सह प्रमुख रीतेश कुमार बॉबी ने दी |

 

( इस लेख के प्रेषक हैं:रीतेश कुमार बॉबी, अधिवक्ता)

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