आज राज्य में करीब पौने 800 मदरसे संचालित होते हैं जिनमें 590 मदरसे गैर अनुदानित है।ये कहना है  भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता रीतेश सिंह का ।

झमूमो इसको पूरी तरह बकवास आरोप बताता हाई।” जनता का पैसा जनता को नियम क़ानून से दी जाती है। भाजपा युवा मोर्चा का ये आरोप एक झूट का पुलिंदा है”, JMM के रमेश मुर्मू ने कहा।

लेकिन रितेश सिंह ने एक प्रेस विज्ञपति के माध्यम से हेमंत सरकार पर आरोप लगाया है कि वह राज्य में चल रहे 183 अनुदानित मदरसों को जिन पर भौतिक सत्यापन व कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होने के कारण अनुदान कर दिया गया था और मात्र 69 मदरसों को अनुदान दिया जा रहा था। 

बाकी 114 मदरसों को अहर्ता पूरी करने को कहा था परंतु उन्हें बिना किसी सत्यापन के पुन: अनुदान की राशि दी जाने लगी इससे राज्य की जनता का पैसा का दुरुपयोग हो रहा है। क्योंकि दस्तावेज में तो 183 मदरसा है परंतु धरातल पर कितने हैं? और कितने मदरसा अहर्ता पूरी करते हैं यह जांच का विषय है। परंतु हेमंत सरकार ने ऐसा नहीं किया।

कुछ वर्षों पहले उत्तर प्रदेश में 19000 मदरसे दस्तावेज में दर्ज थे परंतु जब उनका ऑनलाइन पंजीयन कराया गया, भौतिक सत्यापन कराया गया तो मात्र साढ़े 10 हजार ही मदरसे धरातल पर मिले इस कारण झारखंड में भी उनकी जांच कराने की आवश्यकता है अन्यथा उन्हें बंद कर दिया जाना चाहिए।

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