*Images by Ratan Lal

कुपोषण से रक्षा के लिये समाज कल्याण विभाग द्वारा पोषण जुलूस निकाला गया। समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी ने हरी झंडी दिखाकर इस जुलूस को विदा किया टाटा शोरूम दुमका से टीन बाजार होते हुए इंडोर स्टेडियम दुमका में इस जुलूस का समापन हुआ। इस दौरान आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, पोषण सखी, स्कूली बच्चे आदि ने हाथ में तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया। इंडोर स्टेडियम दुमका पहुंचकर सभी को पोषण शपथ दिलाई गई। 

इस अवसर पर संबोधित करते हुए समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी ने कहा कि कुपोषण पूरे देश के लिए एक गंभीर समस्या है। हम सभी को मिलकर कार्य करना होगा। कुपोषण को दूर करने के लिए लोगों में जागरूकता लाने की जरूरत है। गर्भावस्था में मां को विशेष रूप से देख-रेख की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का अभाव है। महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान किन-किन चीजों का सेवन करना आवश्यक है, इसकी जानकारी उन्हें उपलब्ध कराई जाए। पौष्टिक आहार का सेवन अवश्य करें। लोगों को पौष्टिक आहार के बारे में बताएं। हरी सब्जियां खाने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोगों को किचन गार्डन के लिए जागरुक करना होगा। फलदार वृक्ष सभी लोग अवश्य लगाएं। सामूहिक प्रयास से कार्यक्रम कर हम समाज को एक अच्छा संदेश दे सकते हैं। कुपोषण के लिए हम सभी को कुछ अलग कार्य करना होगा। एक अच्छी शुरुआत कर हम जिला को कुपोषण मुक्त बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस पंचायत में कुपोषित व्यक्तियों की संख्या अधिक है वैसे पंचायतों का चिन्हीतिकरण कर उस पंचायत को कुपोषण मुक्त बनाने का कार्य करना होगा। सेविका-सहायिका, पोषण सखी अपने कर्तव्य को समझते हुए कुपोषण मुक्त दुमका बनाने के लिए कार्य करें। दुमका से कुपोषण मुक्त कर एक स्वस्थ समाज का निर्माण करने का संकल्प आज हमें लेने की जरूरत है। एक स्वस्थ समाज का निर्माण महात्मा गांधी का भी सपना था। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी महात्मा गांधी की सोच को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। केवल सरकार के कार्य करने से बदलाव नहीं आएगा हम सभी को अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। आप सभी के सहयोग से ही यह जिला कुपोषण मुक्त बनेगा।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त वरुण रंजन ने कहा कि कुपोषण के प्रति लोगों को जागरुक करना होगा, तभी कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण हम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस दिशा में निरंतर कार्य कर दुमका जिला को कुपोषण मुक्त जिला बनाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि सुपोषित समाज स्थापित करने हेतु समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवष्यकता है।  उन्होंने कहा कि किचन गार्डेन को बढ़ावा देने की जरूरत है। सामाजिक तथा आर्थिक परिवर्तन परिवारों के बीच लाकर कुपोषण को दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्त जिला बनाने में पोषण सखी की भूमिका महत्वपूर्ण है। पोषण सखी अपने कर्तव्य को समझते हुए पूरी तत्परता के साथ इस दिशा में कार्य करें। हम सभी आज यहा प्रण लें कि दुमका जिला को जल्द से जल्द कुपोषण मुक्त दुमका, दमकता दुमका  बनाएंगे।

इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएएस शशि प्रकाश ने कहा कि जिला प्रशासन निरंतर लोगों के बीच जाकर कार्य कर रहा है। हम सभी मिलकर बहुत जल्द दुमका को कुपोषण मुक्त बनाएंगे। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से कोई भी कार्य आसानी से किया जा सकता है। हम सभी को इस कार्य को करने का आज संकल्प लेने की जरूरत है।

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