झारखंड की राजधानी रांची (इटकी) में अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के बीच एमओयू हस्ताक्षर संपन्न हुआ। इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के अध्यक्ष-सह- आईटी कंपनी विप्रो के संस्थापक श्री अजीम प्रेमजी उपस्थित रहे।

*विश्वविद्यालय राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगा*

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज झारखंड के लिए ऐतिहासिक दिन है। आज राज्य सरकार एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के आपसी समन्वय और सहयोग से शिक्षा के क्षेत्र में नयी शुरुआत हो रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि झारखंड में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन जैसे अनुभवी संस्था द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना होने से न सिर्फ राज्य में उच्च शिक्षा का स्तर उठेगा बल्कि राज्य के प्रतिभावान छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की स्थापना राज्य के अध्ययनरत छात्र-छात्राओं सहित झारखंड के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री अजीम प्रेमजी को धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

*अजीम प्रेमजी के अनुभव का लाभ राज्य को मिलेगा*

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री अजीम प्रेमजी से कहा कि आप एक जाने-माने उद्योगपति के साथ-साथ मन के अंदर समाज के उत्थान के लिए सेवा भाव रखते हैं। आपका अनुभव और सहयोग झारखंड जैसे राज्य के लिए बेहतर परिणाम लेकर आएंगे। आपके सकारात्मक सोच और बेहतर मार्गदर्शन से रांची के इटकी में अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की स्थापना हो रही है। आपके अनुभव का लाभ राज्य वासियों को प्राप्त हो इस निमित्त हम सभी लोग मिलकर प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन नयी पीढ़ी के बहुत बड़े समूह को अपने साथ जोड़ने का काम किया है। राज्य सरकार का प्रयास है कि विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु आगे का कार्य तेज गति से पूरे किए जाएं।

*विश्वस्तरीय शिक्षण सुविधाएं प्रदान कराने का प्रयास तेज*

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने से विशेषकर ग्रामीण अंचल में निवास करने वाले आर्थिक दृष्टिकोण से पिछड़े छात्र-छात्राओं को अपने ही राज्य में ज्ञानवर्धक एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा। यहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण ज्ञानवर्धक तथा रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना राज्य सरकार का लक्ष्य है, इस निमित्त तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु और भोपाल की तर्ज पर खुलने जा रही अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी शिक्षण संस्थान में छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षण सुविधाएं प्रदान की जाएगी।

*राज्य के युवा वर्ग में काफी संभावनाएं*

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के युवा वर्ग में काफी संभावनाएं हैं। यहां के युवा खेल तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन बखूबी कर रहे हैं, बस जरूरत है कि राज्य की युवा शक्ति को आगे बढ़ने के लिए बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की स्थापना से यहां के युवा अनुसंधान आधारित शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे तथा राज्य के विकास में अपनी महती भूमिका निभाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री अजीम प्रेमजी को झारखंड आने का सप्रेम निमंत्रण भी दिया। मौके पर श्री अजीम प्रेमजी ने मुख्यमंत्री का निमंत्रण स्वीकारते हुए कहा कि वे वर्ष 2022 के अंतिम महीने में झारखंड आएंगे।

*झारखंड के लोगों के विकास एवं उत्थान के लिए समर्पित*

इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के अध्यक्ष-सह-आईटी कंपनी विप्रो के संस्थापक श्री अजीम प्रेमजी ने कहा कि मैं झारखंड के लोगों के विकास एवं उत्थान के लिए पूर्ण रुप से समर्पित होकर कार्य करना चाहता हूं। श्री अजीम प्रेमजी ने कहा कि फाउंडेशन झारखंड में सिर्फ विश्वविद्यालय की स्थापना, शैक्षणिक स्तर में गुणात्मक सुधार के साथ-साथ कई विभिन्न क्षेत्रों में राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की पहचान एक परोपकारी संस्थान के रूप में है। झारखंड में हर वर्ग के उत्थान के लिए हमारी संस्था प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। हमारी संस्था यहां प्रोजेक्ट मोड में नहीं बल्कि लॉन्ग टर्म मोड के लिए काम कर रही है। राज्य में अधिक से अधिक रोजगार का सृजन हो इस निमित्त योजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है। राज्य सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन राज्य के सर्वांगीण विकास के ध्येय से कार्य करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि रांची में अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की स्थापना में आपके नेतृत्व वाली सरकार ने पूरा सहयोग किया है। उम्मीद करता हूं राज्य सरकार द्वारा आगे भी सहयोग मिलता रहेगा।

*अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा के लिए प्रतिबद्ध*

इस अवसर पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सीईओ श्री अनुराग बेहर ने कहा कि झारखंड में शिक्षा के विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी स्थापित करने का सफल प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि रांची में अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी जुलाई 2024 से प्रारंभ हो सकेगा। 

अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के माध्यम से संचालित होने वाले यह बहु-विषय एवं बहु-अनुशासनात्मक संस्थान होगा, जो शिक्षा अनुसंधान में प्रत्यक्ष योगदान के माध्यम से समाज की सेवा के लिए प्रतिबद्ध होगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता, मांडर विधायक श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव श्री राहुल पुरवार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा निदेशक श्री सूरज कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव श्री अभय कुमार सिन्हा, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सीईओ श्री अनुराग बेहार, स्टेट हेड श्री कैलाश कांडपाल, चीफ यूनिवर्सिटी एस्टेब्लिशमेंट ऑफिसर श्री हरीश शाह एवं एजुकेशन हेड श्री राकेश तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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