*Image credit IPRD, Jharkhand

मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुनील कुमार वर्णवाल ने राज्यभर के जन शिकायत कोषांग एवं जन सुविधा केंद्र को जिला स्तर पर मर्ज करने का निर्देश दिया। उन्होंने राज्य भर की सभी जनशिकायतों को जनसंवाद केंद्र के पोर्टल पर ही दर्ज किए जाने का निर्देश दिया ताकि एक ही मंच से सभी शिकायतों की मॉनिटरिंग की जा सके। साथ ही जिला व प्रखण्ड व अन्य स्तर पर लगने वाले जनता दरबार में आई शिकायतों को भी जनसंवाद केंद्र के ही पोर्टल पर दर्ज किए जाने का निर्देश उन्होने दिया। श्री वर्णवाल ने कहा कि इस तरह से राज्य भर में आ रही जनशिकायतों की सही मॉनिटरिंग हो सकेगी। साथ ही सभी जिलों चल रहे शिकायत कोषांगों को भी उन्होने सक्रिय रखने का निर्देश दिया। आने वाले समय में पंचायत स्तर पर जनशिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराने की बात भी उन्होंने कही। श्री वर्णवाल ने सभी उपायुक्तों को भी निर्देश दिया कि प्रत्येक सप्ताह में एक दिन निश्चित कर जनसंवाद के माध्यम से आने वाली व जिला स्तर पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करें। श्री वर्णवाल आज सूचना भवन में मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में आई शिकायतों की समीक्षा कर रहे थे। 

इस दौरान शिकायतों के निष्पादन में शिथिलता बरतने वाले गिरिडीह, धनबाद, पलामू, पाकुड़ व दुमका जिले के अधिकारियों को शिकायतों के सफल निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश भी दिया। आज की साप्ताहिक समीक्षा में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कुल 18 मामलों की विशेष समीक्षा की गई। 

लोहरदगा के किस्को अंचल में 2016 में हुई ओलावृष्टि से लगभग 200 किसानों का लगभग तीन करोड़ रुपये का फसल बर्बाद हो गया था। तत्कालीन अंचल अधिकारी को 2016 में आवेदन देने के बावजूद मुआवजे का भुगतान नहीं होने मुख्यमंत्री के सचिव ने आपदा प्रबंधन के अधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए त्वरित भुगतान का निर्देश दिया। एक सप्ताह के अंदर भुगतान नहीं होने पर शिकायत को सीधी बात में रखने का निर्देश दिया। 

जामताड़ा के फतेहपुर स्थित लैम्पस में कई लोगों के जमा पैसे की समयावधि पूर्ण होने के बाद भी राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा था। इसे लेकर 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है तथा 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। श्री वर्णवाल ने सभी 15 लोगों को गिरफ्तार करने, राशि की रिकवरी करते हुये लाभुकों को भुगतान का निर्देश दिया। 

गढ़वा के यमुना राम की सेवाकाल के दौरान वर्ष 2016 में मृत्यु हो गई। इनके पुत्र उपेंद्र राम ने अनुकंपा पर नौकरी के लिए आवेदन दिया परंतु अभी तक नौकरी नहीं मिली है। इस मामले में  मुख्यमंत्री के सचिव ने 15 दिनों के अंदर कार्रवाई कर नियुक्ति पत्र देने का निर्देश दिया।

रामगढ़ में सरकारी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर घर बनाया जा रहा है, इसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने अंचल कार्यालय, एसडीओ कार्यालय एवं उपायुक्त कार्यालय में करने के बावजूद आज 2 साल के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। मुख्यमंत्री के सचिव ने इसपर संबन्धित नोडल अधिकारी को फौरन निर्माण कार्य पर रोक लगाने का निर्देश देते हुए 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट भेजने को कहा। 

पाकुड़ के ओरपारा गाँव के भरत प्रसाद को मनरेगा के तहत 2016-17 में बकरी शेड का निर्माण किए बिना राशि कि निकासी कर ली गयी। बताया गया कि इसकी जांच बीडीओ द्वारा कराई जा रही है। इसपर श्री वर्णवाल ने निर्देश दिया कि इसकी जांच जिला स्तर के वरीय पदाधिकारी से कराकर दो दिनों के अंदर रिपोर्ट भेजें। 

रांची के प्रदीप कुमार ऊर्जा विभाग में कार्यरत थे, इनकी मृत्यु सितंबर 2017 को हो गयी थी। इनकी आश्रित पुत्री रोशनी प्रदीप को अभी तक अनुकंपा के आधार पर नौकरी नहीं मिली है। कागजी मुख्यमंत्री के सचिव ने संबन्धित अधिकारी को 15 अगस्त 2018 से पहले रोशनी प्रदीप का नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश दिया।  

देवघर की सुनीता (काल्पनिक नाम) नवम्बर 2016 से लापता है। उसके परिजनों ने सिंटू कुमार पर अपहरण करने का आरोप लगाया है। पुलिस जांच कर रही है परंतु इतने लंबे समय के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल पाया है। इस मामले में पूछे जाने पर देवघर के डीएसपी ने बताया कि पुलिस टीम लगातार पूछताछ व छापामारी कर रही है उन्होने अलग अलग टीमों का गठन कर अविलंब उक्त लड़की को बरामद करने का निर्देश दिया।  

दुमका के प्रिंस कुमार गुप्ता ने भारतीय स्टेट बैंक, गम्हरियाहाट के शाखा प्रबन्धक पर शिक्षा ऋण दिलाने के नाम पर 10,000/- रुपये रिश्वत लेकर अबतक ऋण कि स्वीकृति नहीं देने का आरोप लगाया है। इस मामले में शिकायत के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मामले में मुख्यमंत्री के सचिव ने कहा कि अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इस मामले में शाखा प्रबन्धक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना चाहिए। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर पूरे मामले की रिपोर्ट भेजने या फिर शाखा प्रबन्धक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया।  

रांची के रातू रोड में पोपुलर मेडिकल हाल (दवा खाना) की अनुज्ञप्ति दिसंबर 2017 में ही समाप्त होने के बावजूद अभी तक दवा दुकान का संचालन किया जा रहा है। मकान मालिक ने मकान को खाली करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री के सचिव ने संबन्धित चिकित्सा पदाधिकारी को 24 घंटे के अंदर दुकान को सील करने तथा मकान को खाली करवाकर रिपोर्ट भेजने निर्देश दिया।
 

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