भारत सरकार का पर्यटन मंत्रालय 7 से 9 नवंबर 2022 तक लंदन में वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट (डब्ल्यूटीएम) 2022 में सहभागिता करेगा जो कि सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय यात्रा प्रदर्शनियों में से एक है।

 इस वर्ष की प्रदर्शनी की थीम 'द फ्यूचर ऑफ ट्रैवल स्टार्ट नाउ' है। लगभग 2 वर्षों के अंतराल के बाद देश के पर्यटन क्षेत्र को विदेशी पर्यटकों के लिए फिर से खोलने के साथ, इस वर्ष भारत की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के बाद देश अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए तैयार है। भारत पर्यटन के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए डब्ल्यूटीएम 2022 में हिस्सा ले रहा है।

वर्ष 2019 के दौरान, भारत की जीडीपी में यात्रा और पर्यटन क्षेत्र का योगदान कुल अर्थव्यवस्था का 5.19 प्रतिशत था। वर्ष 2019 में, भारतीय पर्यटन क्षेत्र 79.86 मिलियन रोजगारों (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार) के लिए उत्तरदायी रहा। केंद्र और राज्य सरकारों के निरंतर प्रयासों से पर्यटन उद्योग को धीरे-धीरे कोविड-19 के झटके से महामारी-पूर्व स्तर तक आने में मदद मिली है।

राज्य सरकारों, अन्य केंद्रीय मंत्रालयों, उद्योग भागीदार के रूप में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), डीएमसी, टूर ऑपरेटर, होटल व्यवसायी, ट्रैवल एजेंट, ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट, मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के सुगमकर्ताओं सहित कुल 16 हितधारक भारत पवेलियन में सह-प्रदर्शकों के रूप में भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य मेडिकल वैल्यू ट्रैवल, लग्जरी ट्रेन और पर्यटन उत्पादों के व्यापक क्षेत्र सहित विभिन्न पर्यटन उत्पादों और सेवाओं को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समुदाय के समक्ष प्रदर्शित करना है। इस वर्ष, भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारत सरकार के सचिव (पर्यटन) श्री अरविंद सिंह कर रहे हैं, जिसमें भारतीय यात्रा और पर्यटन हितधारकों के प्रतिनिधियों सहित अपर सचिव श्री राकेश वर्मा और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

भारत सरकार पर्यटन उद्योग में देश की क्षमता से अवगत है और उसने भारत को वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। डब्ल्यूटीएम 2022 की यात्रा के दौरान, भारत सरकार में पर्यटन सचिव श्री अरविंद सिंह के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंटों, मीडिया आदि जैसे वैश्विक पर्यटन उद्योग के हितधारकों के समक्ष भारत की विविध पर्यटन प्रस्तुतियों को प्रदर्शित करेगा। चूंकि भारत भविष्य में पर्यटन क्षेत्र का व्यापक स्तर पर विकास के लिए तैयार है, यह यात्रा भारत सरकार के प्रतिनिधिमंडल को निवेश के अवसरों और संभावनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध करायेगी जो भारत वैश्विक निवेशकों को प्रदान करता है।

भारत जी-20 प्रेसीडेंसी के लिए भी तैयारी कर रहा है, जो 01 दिसंबर, 2022 से शुरू होने वाला है। भारत की अध्यक्षता में, देश के 55 शहरों में 200 से अधिक बैठकों की मेजबानी की जाएगी। जी-20 प्रेसीडेंसी भारत के पर्यटन क्षेत्र को भारत की पर्यटन प्रस्तुतियों को प्रदर्शित करने और वैश्विक स्तर पर भारत की पर्यटन सफलता की गाथाओं को साझा करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगी।

पर्यटन मंत्रालय का लक्ष्य विशेष रूप से कोविड महामारी के बाद पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाना और 2030 के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बदलाव की गति में तेजी लाना है।
 

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