मेकॉन इस्पात कम्पनी की ओर से मेकॉन कम्युनिटी हॉल राँची में योग-ध्यान सत्र का आयोजन आज किया गया जिसमें राज्य के प्रतिष्ठित योग गुरु आचार्य मुक्तरथ जी ने कम्पनी के सैकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके सुखद जीवन,अच्छे स्वास्थ्य तथा तनावमुक्ति के लिए योगाभ्यास, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराये।

मेकॉन के निदेशक श्री एस के वर्मा जी कहा योग मनुष्य के शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मन को भी हल्का कर देता है। इससे कार्यकुशलता बढ़ती है। कारपोरेट घरानों में और कंपनी में कार्यरत सभी कर्मचारियों के लिए योग की बहुत जरूरत है। 
 
स्वामी मुक्तरथ ने कहा योग शारीरिक व्यायाम नहीं है, यह साधना है, तपस्या है, और अनुशाशन है जिसके बल पर मनुष्य मन को साधता है, शुद्ध करता है, विकार रहित बनने की दिशा में आगे बढ़ता है ताकि इंसान का शरीर निरोग रहे,मन ऊर्जावान और प्रफुल्लित रहे तथा चित्त शान्त हो सके। शरीर का व्यायाम शरीर को हिष्ट-पुष्ट बना सकता है पर निरोगी नहीं। लेकिन मन को साधने वाली योग विधि शरीर और मन दोनों को निरोग कर देता है। 

क्योंकि मन के योग साधन में अनुसाशन सिद्ध होने लगता है और जब अनुशासन जीवन में प्रवेश करता है तो जीवनचर्या ही सुधरने लग जाती है।

समय के हिसाब से योग साधना को अपनाकर नीरोग रह सकते हैं। आज का समय फास्टफूड,मैदे और मसालेदार व्यंजनो का है जिससे कब्ज,बाबासीर(पाइल्स),गैस्ट्रिक,अल्सर,रक्तचाप, मधुमेह, हृदयरोग जैसी बीमारियाँ बढ़ रही हैं। 

इसे समझते हुए प्रतिदन आप को प्रातःकाल खाली पेट गुनगुना पानी पीकर ताड़ासन,त्रियक ताड़ासन,कटिचक्रासन,सूर्यनमस्कार, योगमुद्रा, तथा प्राणयाम में वक्षश्वसन,नाड़ीशोधन, कपालभाती और भ्रामरी को करना आवश्यक है। साथ ही साथ प्रतिदिन दस मिनट ध्यान का अभ्यास भी करना चाहिए।

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