नई दिल्ली में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर- 2022 के थीम वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल के साथ झारखण्ड कदम से कदम मिला रहा है। 

तसर का सबसे बड़ा उत्पादक झारखण्ड अपने रेशम के वस्त्रों से सभी का मन मोह रहा है। झारखण्ड के बुनकरों और कारीगरों के हाथों बनी खादी की बंडी, तसर सिल्क की साड़ियां, चांडिल की सिल्क साड़ियां, कुर्ता-पाजामा और टोपी, इंडो-वेर्स्टन ड्रेस के विशेष अंदाज देख मेला आने वाले स्वतः आकर्षित हो रहे हैं। झारखण्ड पवेलियन में खादी का कलेक्शन सबका पसंदीदा बना हुआ है। खादी स्टाल के प्रतिनिधि सुशांत ने बताया कि इस बार खादी उत्पादों की बिक्री बहुत अच्छी है,लोगों की खादी में रूचि बढ़ी है। हमारे खादी स्टाल में अच्छी ख़ासी भीड़ हो रही है।

*जैविक खेती की हो रही सरहना, मधु की बढ़ी डिमांड*

वोकल फॉर लोकल, लोकल टू ग्लोबल को चरितार्थ करते हुए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के स्टाल में झारखण्ड में हो रही जैविक खेती की सराहना हो रही है। आगंतुक जैविक खेती की बारीकियों से अवगत हो रहे हैं। जैविक उत्पादों की प्रदर्शनी भी दर्शकों को लुभा रही है। झारखण्ड के मनमोहक प्राकृतिक रंग-रूप से सुसज्जित वन विभाग के स्टाल में झारखण्ड के मधु की भारी मांग देखी जा सकती है। राज्य के मधु की मिठास के लोग कायल हो रहे हैं। रांची स्मार्ट सिटी के स्टाल में दिखाए गए टेबल टॉप मॉडल भी दर्शकों द्वारा पसंद किये जा रहे हैं।

 

मालूम हो कि, इस बार मेले में झारखण्ड पार्टनर स्टेट के तौर पर शामिल है। मेले में 29 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के साथ-साथ अफगानिस्तान, बांग्लादेश, बहरीन, बेलारूस, ईरान, नेपाल, थाईलैंड, तुर्की, यूएई, वियतनाम, चीन, टयूनिशिया, लेबनान और रिपब्लिक ऑफ तुर्की भी मेले में शामिल हुए हैं।

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