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झारखंड के लातेहार जिला में रेल पटरी निर्माण का काम कर रही कंपनी साइट पर माओवादियों ने हमला कर दिया। निर्माण कार्य में लगी दो बड़ी- बड़ी मशीनों में आग लगा दी। नतीजा?

रेल परिचालन इस रास्ते पर बाधित है।

रेल्वे कर्मचारियों ने नक्सली हमले के संबंध में बताया ओर कहा कि  आग लगाने से पहले माओवादियों ने सभी कर्मचारियों को कतार में खड़ा किया। इसके बाद वाहनों में आग लगाने लगे। गाड़ियों में लगने वाली आग की लपटें इतनी तेज थी कि उन्हें दो किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। 

ये कारनामा माओवादियों ओर उसके नेता रविंद्र गंझू का दस्ता लेवी को लेकर किया है । ये सब लगातार हमले करता रहा है।इससे पहले भी चंदवा थाना क्षेत्र के केंदुआटांड़ साइट पर हमला करते हुए तीन लोगों को गोली मारी थी।

माओवादियों के इस हमले में लगभग 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति का नुकसान बताया जा रहा है। रविंद्र गंझू का दस्ता इन इलाकों में सक्रिय है,एक महीने में इस तरह का यह दूसरा हमला है और दोनों ही हमले रविंद्र गंझू के दस्ते ने किये हैं। लातेहार जिले के चंदवा में भाकपा माओवादियों का यह हमला मंगलवार की शाम तकरीबन पांच बजे शाम को किया। कमांडर रविंद्र गंझू के नेतृत्व में इस बड़े हमले को अंजाम दिया है। घटना चेटर स्टेशन से कुछ दूरी पर हुई है।

पुलिस का भी कहना है की यह मामला लेवी से जुड़ा है। आरवीएनएल कंपनी चंदवा के गूंजराय गांव के पास रेल लाइन तैयार कर रही थी। अचानक यहां उग्रवादी पहुंचे, मशीन और गाड़ियों में आग लगा दी और काम कर रहे कर्मचारियों को धमकाते हुए काम रोकने के लिए कहा।

झारखंड सहित कई राज्यों में नक्सली रविंद्र गंझू मोस्ट वांटेड है। 2019 में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यक्रम से कुछ दूरी पर पर चंदवा थाना गेट से मात्र 3 किमी की दूरी पर लुकुइया में एनएच पर ही पेट्रोलिंग पार्टी पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी।

इस हमले में एक एएसआई समेत चार जवान शहीद हो गए थे। यह रविंद्र गंझू का ही दस्ता था। 21 अक्टूबर 22 को चंदवा थाना क्षेत्र के केंदुआटांड़ में रेलवे साइट पर हमला करते हुए एक इंजीनियर समेत तीन लोगों को गोली मार दी थी। 17 अक्टूबर 2018 को लोहरदगा के कठुआपानी मे और 8 जनवरी 2022 को गुरदारी थाना क्षेत्र में हमला करते हुए कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। ऐसी कई बड़ी घटनाओं में रवींद्र गंझू का हाथ रहा है।

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