*Image credit: IPRD, Jharkhand

स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती निधि खरे ने कहा कि झारखंड  के बच्चों में कृमि संक्रमण के खतरे से निपटने हेतु  राज्य में 10 अगस्त 2018 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जा रहा है. इस कार्यक्रम के तहत झारखंड के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 1 से 19 साल तक के बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल की दवाई खिलाकर कृमि मुक्त किया जाएगा। वहीं अनुपस्थिति या बीमारी के कारण जिन बच्चों को 10 अगस्त, 2018 राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर कृमि नियंत्रण की दवाई नहीं खिलाई जा सकेगी, उन्हें 17  अगस्त 2018 को मॉप अप दिवस पर कृमि मुक्त किया जाएगा। श्रीमती खरे आज सूचना भवन सभागार में आगामी 10 अगस्त को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के संबंध में प्रेस को जानकारी दे रहे थे।

श्रीमती खरे ने कहा कि भारत में कृमि संक्रमण जनसमस्या के रूप में उभर रहा है। WHO के अनुमान के अनुसार भारत में 5 से 14 साल तक के उम्र के 22 करोड़ से भी अधिक बच्चों को कृमि सकंम्रण का खतरा है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का उद्देश्य झारखंड के सभी बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य, पोषण संबंधी स्थिति और संज्ञानात्मक विकास तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार हेतु उन्हें कृमि मुक्त करना है। कृमि संक्रमण प्रत्यक्ष रूप से न दिखने पर भी बच्चों के स्वास्थ्य एवं उनके सम्रग विकास पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।  इस नकारात्मक प्रभाव के रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु एल्बेंडाजोल(400 मि.ग्रा.) की दवाई  बच्चों एवं किशोरों को दी  जाएगी.

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सौजन्य से आयोजित अखिल भारतीय सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम को ग्राम स्वराज अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत सम्मिलित किया गया है। इस स्वास्थ्य कार्यक्रम के द्वितीय चरण में झारखंड के 19 जिलों (साहेबगंज,पाकुड़, गोड्डा. लातेहार,लोहरदगा, पलामू, पूर्वी सिंहभूम,बोकारो,चतरा, दुमका, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, हजारीबाग) को शामिल किया गया है। इस अभियान में प्रशिक्षण प्राप्त कुल 33,588 शिक्षक और 24,707 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा लक्षित बच्चों को दवाई दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अगस्त 2017 में 1,03,70,851 बच्चों को कृमि मुक्त किया गया था।

श्रीमती खरे ने जानकारी दी कि 1 से 19 वर्ष के बच्चों एवं युवाओं में आंतों के कृमि संक्रमण के जन स्वास्थ्य के खतरे को ध्यान में रखते हुए राज्य के विभिन्न सरकारी एवं निजी विद्यालयों में, आंगनबाड़ी केंदों में, इंटर कॉलेजों में,तकनीकी कॉलेजों में दवा वितरण किया जाएगा। कृमि मुक्ति दवा एल्बेंडाजोल की गोली 1-2 बर्ष के बच्चों को आधी तथा 2 से 3 बर्ष के बच्चों को एवं 3 से 19 वर्ष के बच्चे और युवाओं को एक गोली खिलायी जाएगी । 

इस अवसर डॉ. अजीत प्रसाद ने भी पीपीटी के माध्यम के बच्चों में कृमि के प्रभाव एवं उपाचार के बारे जानकारी दी, वहीं बाल स्वास्थ्य ईकाई की नोडल ऑफिसर सह उप निदेशक श्रीमती वीणा सिन्हा ने भी  कृमि मुक्त अभियान पर विस्तृत प्रकाश डाला।

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