साहिबगंज में  करोड़ों के अवैध खनन के जरिए की गई मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच की दिशा अब आईएएस अधिकारी राम निवास यादव की ओर मुड़ गई है.

ईडी ने उनको समन भेजकर पूछताछ के लिए एजेंसी के रांची दफ्तर में 23 जनवरी को बुलाया है. राम निवास यादव अभी साहिबगंज के डीसी हैं.

यादव को डीसी का पद 2020 में हेमंत सोरेन की सरकार ने दिलाया था. इसके बाद वहां भारी पैमानें पर अवैध खनन हुआ है. 

ईडी ने भी खुलासा किया है कि बीते दो ढाई सालों में साहिबगंज में अवैध खनन के जरिए 100 करोड़ की अवैध कमायी की गई. जिला में डीसी अवैध खनन रोकने वाली एक्शन टीम के प्रमुख होते हैं, ऐसे में उनके द्वारा किए गए कार्रवाईयों पर भी ईडी जानकारी ले सकती है.

पूर्व में ईडी ने संताल परगना के कमीश्नर को भी नोटिस देकर बुलाया था. उनका बयान इस मामले में दर्ज किया जा चुका है. 

पानी जहाज हादसे को लेकर भी होगी पूछताछ:साहिबगंज में अवैध खनन और परिवहन के मामले की जांच में कई नए तथ्य सामने आए हैं. उन सब को लेकर साहिबगंज डीसी से पूछताछ होगी. साहिबगंज से गंगा नदी के रास्ते अवैध पत्थर से लदे ट्रकों को जलयान से बिहार, बंगाल भेजे जाने की बात भी सामने आयी है. वहीं, ओवरलोडिंग के कारण गंगा नदी में पिछले वर्ष 24- 25 मार्च की रात हुए हादसे को लेकर चौकानें वाले तथ्य सामने आए हैं. एक ही हादसे पर साहिबगंज के डीसी और कटिहार के डीएम ने अलग अलग रिपोर्ट तैयार की थी. 

साहिबगंज के डीसी ने हादसे से जुड़ी रिपोर्ट में बताया था कि साहिबगंज के समदा घाट से 24 मार्च की दोपहर चिप्स और बोल्डर से लदी ट्रकों को जलयान के जरिए कटिहार के मनिहारी लिए रवाना किया गया था.

लेकिन रास्ते में जलयान खराब हो गई थी, इस कारण रात में हादसा हो गया था. वहीं कटिहार के डीएम ने घटना के संबंध में जो रिपोर्ट दी थी उसके मुताबिक, उन्होंने बताया था कि साहिबगंज के समदा घाट से रात में जलयान निकली थी. दोनों के रिपोर्ट में इतना अंतर क्यों आया इसे लेकर भी ईडी साहिबगंज डीसी से सवाल-जवाब करेगी. 

गौरतलब है कि झारखंड में 1000 करोड़ के मनी लाउंड्रिंग के मामले में ईडी ने पिछले साल झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ की थी है. सीएम ने पूछताछ ने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा था कि वे कभी नौकरशाहों को अवैध खनन और परिवहन के लिए कोई दिसा निर्देश नहीं दिये थे.

इसके बाद यह तय हो गया था कि अब कुछ नौकरशाहों से ईडी समन कर पूछताछ कर सकती है. मुख्यमंत्री के बयान के बाद अवैध खनन और उससे जुड़ी कार्रवाईयों को लेकर साहिबगंज के डीसी रामनिवास यादव, एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा के साथ साथ डीएमओ और डीएफओ स्तर के अधिकारियों से समन होना तय था, उसी कड़ी ईडी ने साहिबगंज डीसी के रूप में पहला नाम तय करते हुए उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया है. 
 

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