आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के झारखण्ड प्रदेश के प्रांत प्रचारक गोपाल जी शर्मा ने राजधानी के मोरहाबादी स्थित सुप्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ.एस.सी.प्रसाद के आवास पर जाकर आज उनके चित्र पर पुष्पमाला चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके पुत्र अधिवक्ता डॉ. 

प्रणव कुमार बब्बू एवं परिवार के अन्य सदस्यों को सांत्वना देने के बाद श्री शर्मा ने कहा कि राइस मैन के नाम से प्रसिद्ध डॉ.प्रसाद ने चावल के क्षेत्र में गहन अनुसंधान कर वैसी 14 प्रजातियों का विकास किया जो अपेक्षाकृत कहीं कम सिंचाई में बेहतर उपज देने के मामले में किसानों के लिए मील का पत्थर साबित हुई. 

उन्होंने कहा कि भारत के किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने में डॉ.प्रसाद की खोज का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान रहा. उन्होंने कहा कि विशेष रूप से झारखण्ड ही नहीं वरन सम्पूर्ण राष्ट्र और पूरी दुनिया उनका आभारी रहेगा क्योंकि उन्होंने खाद्दान्न के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया.

श्री शर्मा ने कहा कि, डॉ.प्रसाद की विचारधारा पूरी तरीके से राष्ट्रवादी थी क्योंकि उन्होंने चावल की उन प्रजातियों के ज्यादा उपज और उसे बेहतर बनाने में अपने जीवन का बेहद महत्वपूर्ण समय लगा दिया जिसे अधिकांश लोगों के द्वारा उपयोग किया जाता है. 

वर्तमान समय में सर्वाधिक लोकप्रिय  बिरसा धान 101 से 110 तक, सीता, ब्राउन गोड़ा, कंचन, कावेरी, समेत उन्नत प्रभेद के धान जो पठारी क्षेत्र विशेषकर झारखंड में लोकप्रिय चावल की वो 12 किसमें जो आज हर घर में सभी उपयोग करते हैं। श्री शर्मा ने कहा उन्होंने खाद्यान्न में पिछड़े देश अफ्रीका, फिलीपींस, मलाया में अच्छे उन्नत किस्म के चावल के आविष्कार में सबसे अहम योगदान दिया। विश्व के अधिकांशतः देशों में उन्होंने चावल पर 150 से भी ज्यादा शोध पत्र प्रस्तुत किए।

श्री शर्मा ने कहा कि, झारखण्ड में कृषि के विकास के लिए डॉ. सतीश चन्द्र प्रसाद के सपनों को आगे रखकर उसी के अनुरूप तीव्रता से काम करने की जरूरत है तभी उद्योग, खनन आदि की तरह ही झारखण्ड कृषि के क्षेत्र में भी अपनी महत्वपूर्ण उपलब्धि और अपना सही स्थान प्राप्त कर सकेगा.

इस अवसर पर भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य शशांक राज ने भी चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।ये सूचना विजय दत्त पिंटू द्वारा दी गई है.

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read