सामाजिक-वैचारिक संगठन रांची रिवोल्ट जनमंच की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आज अपराह्न 3 बजे से हुई जिसमें रांची एवं झारखण्ड के 147 प्रबुद्ध लोगों ने अपने विचार व्यक्त किये और गहरा रोष प्रकट किया.

राजधानी के मेन रोड के अंजुमन प्लाजा के समीप हुई दुर्घटना और उसमें 22 वर्ष के शिवांश की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के मामले पर इस बैठक में कहा गया कि घटना का समय और परिस्थिति देखकर यह कहा जा सकता है कि यह संदेहास्पद मामला है जिसकी उच्चस्तरीय जाँच होनी चाहिये. बैठक में उस घटना से पहले उसी कार से टकराकर हुई कर्बला चौक निवासी मो. शमशाद की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया गया और दो घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गयी.

बैठक में सभी ने कहा कि, कार से दुर्घटना के बाद उत्पन्न स्थिति और घटी वह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है जहाँ एक दुर्घटना के बाद कार सवार मोरहाबादी निवासी शिवांश की संदेहास्पद मृत्यु हो गई.

बैठक में बोलते हुए सामाजिक-वैचारिक संगठन रांची रिवोल्ट जनमंच के संयोजक, भाजपा नेता, अधिवक्ता एवं समाजसेवी डॉ.प्रणव कुमार बब्बू ने कहा है कि, जानकारी के अनुसार दुर्घटना से गुस्साये स्थानीय लोगों ने मार डाला है और ऐसी घटनाएं न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि इसमें लोगों की जान तो जाती ही है लेकिन उससे कहीं ज्यादा झारखण्ड की देश-दुनिया में बदनामी होती है. इस वर्चुअल मीटिंग में एक स्वर से सरकार एवं प्रशासन से इस मामले पर गंभीरता से विचार करते हुए अविलम्ब उच्चस्तरीय जाँच का आग्रह किया गया.

बैठक में रांची रिवोल्ट जनमंच के सदस्यों ने एकमत से कहा कि जिस प्रकार से आनन-फानन में प्रशासनिक अधिकारियों के वक्तव्य सामने आए हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है उससे पुलिस द्वारा इस मामले की जांच पर और उसकी मंशा पर संदेह उत्पन्न होता है. सदस्यों ने कहा कि देर रात दुर्घटना होने के बाद इतने सारे लोगों का एक साथ इकट्ठा हो जाना और वहाँ वाहनों में बांस और भारी संख्या में पत्थर आदि का मौजूद होना अनेक संदेह खड़े करता है.

मीटिंग में संयोजक डॉ. बब्बू के साथ ही सभी सदस्यों ने राजधानी की बिगड़ती कानून व्यवस्था, ट्रैफिक की बदतर स्थिति आदि पर चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा गया कि मेन रोड की संपूर्ण घटना की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और जल्द-से-जल्द उस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के अलावा दोषी तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिये. बैठक में सर्वसम्मति से राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मामले की जांच एवं दोषी तत्वों कोई चिन्हित कर उसके विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया गया. बैठक में कहां गया कि, जिस प्रकार से आसपास के क्षेत्रों में लगाये गये सीसीटीवी कैमरे के डीबीआर से डाटा को मिटाने की बात सामने आ रही है उससे यह संपूर्ण मामला और भी गंभीर हो जाता है. 

आज की वेर्चुअल बैठक में संयोजक डॉ. प्रणव कुमार बब्बू, कुमकुम गौड़, अशोक गौड़, स्वामी दिव्यांनंद जी महाराज, विजय दत्त पिन्टू, अनुपमा प्रसाद, सुजाता भगत, प्रभात सहाय, विनय कुमार श्रीवास्तव, नदीम अख्तर, आशीष, मधु सिंह, अंजु बरवा, सुजाता मोदी, आयुषी प्रसाद, पी एन राम, ऋषिता, विकास कुमार, रणजीत कुमार, संतोष दीपक, नीतू सिंह, अभि जैन, मनोज कुमार गुप्ता, विनोद गोप, सुनील टोप्पो, आशीष कुमार ठाकुर,सूरज कुमार सिन्हा, नरेन्द्र कुमार सिन्हा सहित अनेक सदस्यों ने आक्रोश के साथ अपने विचार व्यक्त किये.

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