हेमंत सोरेन ने दिल से भाजपा को गुलाल उड़ा कर कह सकते हैं की वे आदिवासी समाज के लिए बहुत सारे काम किए हैं।उनपर भ्रष्टाचार के सारे आरोप झुठे हैं। 

“ बोलने दीजिए जो भी आरोप लगायें, सब झूट का पुलिंदा है। सच तो आज या कल सामने आयेगी ही। उनका ( प्रयास है की हमारी सरकार को गिरा कर अपनी सरकार बना लें) सपना कभी पूरा नहीं होगा”, ये है मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन की दिल की बात। कोई शक?

उधर बीजेपी नेता बाबूलाल कहते हैं-“आदिवासी के कलंक हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, दलाल और बिचौलिए चला रहे राज्य की सत्ता.....”

बाबूलाल ये भी कहते है:


“प्रधान सचिव अरुण एक्का को पदमुक्त कर एफ आई आर दर्ज कराएं मुख्यमंत्री”

“भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर सौंपेगा ज्ञापन,सीबीआई जांच की करेगा मांग”

“प्रवर्तन निदेशालय को भी सौंपेंगे ज्ञापन”

सच में जब पूरा देश होली के रंग में जश्न माना रहा है, बीजेपी नेता बाबूलाल का सोशल मीडिया में हमला झामूमो नेता और मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन पर जारी है।

एक वायरल मेसेज ने भाजपा नेता विधायक दल एवम पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने आज हेमंत सरकार पर बड़ा हमला बोला। विडियो क्लिप जारी करते हुए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण एक्का को कटघरे में खड़ा किया।

श्री मरांडी ने कहा है कि ये झारखंड के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जो गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के भी प्रधान सचिव श्री राजीव अरूण एक्का के काले कारनामें एवं महालूट का एक छोटा सा वीडियो क्लीप हमारे संज्ञान में लाया गया है। यह वीडियो देखकर आसानी से समझा जा सकता है कि झारखंड में सरकार कैसे चल रही है और कौन लोग चला रहे हैं?

कहा कि ये पिछले दिनों इडी के छापे के बाद चर्चा में आये सत्ता के एक मशहूर दलाल विशाल चौधरी के अरगोड़ा चौक के निकट के कार्यालय का वीडियो है। एक्का साहब वहां सरकारी फाइलें जिस बेशर्मी से निपटा रहें है, इसे देखकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को शर्म आये या नहीं दुनियां के किसी भी आदमी को बारूद के ढेर पर बैठे झारखंड की ऐसी दुर्दशा देखकर लज्जा आयेगी ।

कहा कि जो महिला बगल में खड़े होकर ये फाइलें साइन करा रही हैं वो झारखंड सरकार की कर्मचारी नहीं बल्कि दलाल विशाल चौधरी की प्राइवेट कर्मचारी है।और बगल में जिसकी आवाज आ रही है और  अपने महिला कर्मचारी से किसी से पैसे आने नहीं आने के बारे में पूछ रहा है वो विशाल चौधरी की आवाज बतायी जा रही है। फिर महिला द्वारा पैसा नहीं आने की जानकारी पर विशाल किसी को फोन लगाकर पैसे के बारे में पूछ रहा है। 

कहा कि मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं राज्य के गृह सचिव जैसे पद पर बैठा व्यक्ति जब यह काम कर रहा है तो बाकि दूसरों के ऐसे कारनामें तो इसके सामने बौने दिखेंगे। . एक्का और विशाल अकेले नहीं है। ऐसे कई और दलाल, अफसर एवं सताधारी लोग हैं जो मिल बैठकर टेंडर, ट्रांसफर आदि की फाइल पैसे लेकर अपने घरों से निपटा रहे हैं। इसकी विस्तृत जांच होगी तो इस सरकार के मुखिया और उनके गुर्गों के कारनामें के बारे ऐसी हैरान करने वाली जानकारियां सामने आयेंगी कि लोग देखसुन कर दांतो तले अंगुली दबा लेंगे।

श्री मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री के घर की सुरक्षा का एके 47 दलाल प्रेम प्रकाश के घर में मिलता है और उनका प्रधान सचिव दलाल विशाल चौधरी के प्राइवेट कार्यालय में सरकारी टेंडर की फाइल ले जाकर पैसे वसूलवाता है और वहीं से मुख्यमंत्री कार्यालय का काम करता है ।

कहा कि मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि इस गंभीर अपराध के लिए राजीव अरूण एक्का पर तुरंत  एफआइआर दर्ज करा कर उन्हें जेल भिजवायें। उन्हें पद से हटायें, भ्रष्टाचार विरोधी कानून में इनपर कार्रवाई करें।

कहा कि एक्का गृह विभाग जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील  विभाग के भी प्रधान सचिव हैं इसलिए राज्य की पुलिस इसकी जांच और कार्रवाई कैसे कर सकती है? इसलिए मुख्यमंत्री इस मामले
की जांच सीबीआई से कराने का आदेश जारी करें।

श्री मरांडी ने कहा कि भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल इस वीडियो की सीडी के साथ महामहिम राज्यपाल से मिलकर अनुरोध पत्र सौंप कर मांग करेगा कि इस बेहद महत्वपूर्ण मामले में विस्तृत एवम  निष्पक्ष जांच के लिये सीबीआई को सौंपने के लिए राज्य सरकार को भेजें।

कहा कि इस मामले में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल प्रवर्तन विभाग से भी मिलकर वीडियो की कॉपी के साथ ज्ञापन सौंपेगा और इस मामले में वसूली से हुए मनी लांड्रिंग की भी विस्तृत जांच की मांग करने जा रहा है।

कहा कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा का एके 47दलाल प्रेम प्रकाश के घर में मिलता है और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव का होम डिपार्टमेंट की फाइल दलाल विशाल चौधरी के घर में रहता है और वहीं साईन होती है।इस सरकार में ये क्या हो रहा है? मुख्यमंत्री जी को बताना चाहिये। एके 47 प्रेम प्रकाश के घर से मिलने वाली घटना पर भी कोई कारवाई नहीं हुई। इस मामले में भी कारवाई नहीं करेंगे तो खुद जेल जाने से कैसे बचेंगे मुख्यमंत्री? क्या ये फ़ाईल भी भाजपा वालों ने दलाल के यहाँ पंहुचा दिये?

कहा कि  राज्य के मुख्य सचिव की गिनती अच्छे अधिकारी में होती है। मैं उनसे अनुरोध करता हूँ कि वे धृतराष्ट्र नहीं बनें। इस गंभीर मामले पर कठोर कार्रवाई का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को देने में विलम्ब नहीं करें। ऐसे कितनी घोटाले से किस किस को बचाने की फ़ाईल और कितने दिन रोकेंगे मुख्यमंत्री? काग़ज़ात नहीं मरते । कारवाई तो होगी ही ।

उन्होंने लालू सरकार में हुए पशुपालन घोटाले को याद कराते हुए कहा कि लालू जी ने भी पशुपालन घोटालेबाज़ों की फ़ाईल दबा दबा कर रखा, परिणाम क्या हुआ? आज दुनियां के सामने है।

कहा कि होम डिपार्टमेंट और मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी की संवेदनशील फाईलें दलाल के यहाँ मिले। ये तो तालिबानी भी शायद नहीं करते होंगे। देश-दुनिया में ऐसा कहीं और देखने की बात दूर सपने में सुनने को भी नहीं मिलेगा।

कहा कि आदिवासियों के नाम पर कलंक है ये मुख्यमंत्री । इसने देश - दुनियाँ में आदिवासियों की इज्जत मिट्टी में मिलाने और बदनाम करने का काम किया है।

प्रेस वार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक,प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह एवम सोशल मीडिया प्रभारी राहुल अवस्थी भी उपस्थित थे।
 

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