*Image courtesy - IPRD

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि बरसात के बाद पूरे राज्य में बांस रोपण का अभियान शुरू करें। पहले बांस बखार की सफाई करें। इससे हाथियों को भोजन भी मिलेगा और लोगों को रोजगार भी मिलेगा। साहेबगंज के पास गंगा नदी में डोल्फिन भी पायी जा रही है। इनका संरक्षण करें और इसे पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करें। स्थानीय मछुआरों को प्रशिक्षित कर इनके संरक्षण के प्रति जागरूक करें। उक्त बातें उन्होंने झारखंड राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में कहीं। 

झारखण्ड मंत्रालय में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वन्य प्राणियों पर शोध के लिए एक फंड बनाया जायेगा। वन संरक्षण के कार्य में जनभागीदारी और जनसहयोग को बढ़ाएं। जिन लोगों रूचि है, वे इससे जुड़ेंगे, तो इसका सकारात्मक परिणाम दिखेगा।
पलामू टाइगर रिजर्व के लिए मुख्यमंत्री ने अभी दो पर्यटक वाहन चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि मांग बढ़े, तो वाहन बढ़ायें। राज्य सरकार पर्यावरण के अनुकूल विकास की पक्षधर है। विकास और पर्यावरण में संतुलन बनाकर काम करने की जरूरत है। विकास होने से ही लोगों की सामाजिक और आर्थिक प्रगति होगी। 

बैठक में दलमा वन्यप्राणी आश्रयणी के इको सेंसिटिव जोन में रढ़गांव-महुलिया उच्च पथ, मंडल डैम, कोडरमा वन्य प्राणी आश्रयणी अंतर्गत ध्वजाधारी पहाड़ के समय नेचर एंड वाइल्ड अवेयरनेस सेंटर व मंदिर पथ पर रेलिंग के निर्माण समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, वन एवं पर्यावरण विभाग के अपर मुख्य सचिव इंदूशेखर चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय कुमार समेत बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे।
 

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