मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जब कोई कुछ ठान लेता है और ईमानदारी से उसे पूरा करने में लगता है तो उसका परिणाम भी उसे अच्छा मिलता है। 

"झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना" के प्रमंडल स्तरीय कार्यक्रमों के मौकों पर तेज बारिश के बाद भी राज्य की बहन-बेटियों ने उन सभी कार्यक्रमों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है जो 2019 से पहले सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में हुआ करता था। आज राजधानी रांची में आयोजित इस कार्यक्रम में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले पांचो जिलों से उपस्थित हुई बहन-बेटियों के जन सैलाब ने इतिहास रच दिया है। आज आप सभी लोग यहां नारी सम्मान योजना को आशीर्वाद एवं सम्मान देने यहां पहुंचे हैं। इस आशीर्वाद तथा स्नेह से ही हमें आपके सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने की ताकत और नई ऊर्जा मिल रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके द्वारा मिल रहे आशीर्वाद, समर्थन और स्नेह से मुझे यहां की आधी आबादी की सेवा, दु:ख-दर्द तथा परेशानियां को समाप्त करने की ताकत देता है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने आज ट्रेनिंग ग्राउंड, खोजाटोली, नामकोम में आयोजित "झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना" के लाभुकों का सम्मान राशि वितरण कार्यक्रम को अपने सम्बोधन में कही। 

*कोरोना संक्रमण काल में दीदियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही* मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि वर्ष 2019 में वर्तमान राज्य सरकार का गठन हुआ और सरकार गठन के बाद से अब तक लगातार हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 

सरकार गठन के चंद दिनों बाद ही कोरोना संक्रमण ने देश और दुनिया को जकड़ कर रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वैश्विक महामारी के समय घरों में ताला लगाकर लोग अपने आप को घरों के भीतर रहने को मजबूर हुए। हाट-बाजार, नौकरी, रोजगार सब खत्म हो गए। सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाने वाला यह राज्य धीरे-धीरे मजदूरों के राज्य के रूप में तब्दील हो चुका था। कोरोना संक्रमण इस राज्य के लिए एक अभिशाप के बराबर था। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय यहां न अस्पतालों की स्थिति ठीक थी और न ही डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या थी। लेकिन फिर भी आपके इस भाई ने इस बेटे ने आपके वैसे परिजन जो प्रवासी मजदूर थे उन्हें हवाई मार्ग, रेल मार्ग, सड़क मार्ग सहित विभिन्न माध्यमों से आपके घरों तक लाने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में राज्य की महिलाओं ने सरकार के साथ खड़ा होने का निर्णय लिया। इस राज्य की दीदियों ने गांव-गांव पंचायत-पंचायत में खाना बनाकर हमारे श्रमिकों और गांव वालों को मुफ्त में खाना खिलाने का कार्य करती थी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में राज्य सरकार ने बेहतर मैनेजमेंट का उदाहरण पेश करते झारखंडवासियों के प्राणों की रक्षा की। कोरोना संक्रमण काल में राज्य में भूख से एक भी मौतें नहीं हुई। जबकि पूर्व की सरकारों के समय बिना कोई आपदा और महामारी के बिना भी भूख से मौत की खबरें अक्सर देखने और सुनने को मिलती थी। गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा जिला के लोग इसके गवाह भी रहे हैं। 

*सफल और प्रभावी रहा सर्वजन पेंशन योजना* 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के लोगों की समस्याओं का समाधान हो, इसके लिए पंचायत-पंचायत, गांव-गांव, टोला-टोला में "आपकी योजना-आपकी सरकार, आपके द्वार" कार्यक्रम का आयोजन कर आपकी समस्याओं को जानने का प्रयास किया तथा राज्य सरकार के पदाधिकारी को भेज कर आपके हरेक समस्या एवं परेशानियों का समाधान किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव स्तर पर आपकी समस्याओं से अवगत हुए और आप सभी के उम्मीद और आकांक्षाओं के अनुरूप योजनाएं बनाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने यहां के वृद्धजनों के परेशानियों को देखते हुए सर्वजन पेंशन योजना की शुरुआत की। पूर्व में कम ही पात्र वृद्धजनों को पेंशन प्राप्त होता था, क्योंकि अधिकतर लोग बिचौलियों के चक्कर में पड़े रहते थे। आपकी सरकार ने निर्णय लिया कि कोई भी 60 वर्ष से ज्यादा उम्र का होगा उसे हम हरहाल में पेंशन राशि देंगे। 

आज सर्वजन पेंशन के तहत सभी बुजुर्ग को पेंशन से जोड़ा गया और सभी को पेंशन प्राप्त हो रहा है। सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वजन पेंशन योजना के तहत उम्र सीमा भी घटाई गई। पेंशन की उम्र महिलाओं के लिए 60 वर्ष से घटा कर 50 वर्ष किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसी समस्या नहीं जिसका समाधान नहीं हो सकता। बस उसके लिए ईमानदार प्रयास की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धावस्था आने पर अपना आधार कार्ड लेकर प्रखण्ड कार्यालय पहुंचें। 

प्रखंड कार्यालय में बैठे पदाधिकारी आपका वृद्धा पेंशन स्वीकृत करेंगे। जो पदाधिकारी आपको वृद्धा पेंशन से नहीं जोड़ेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। *बच्चियों का भविष्य संवार रही राज्य सरकार* मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को संरक्षित करने के विषय में राज्य सरकार ने गंभीरता से कार्य किया है। बच्चियों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार निरंतर उनके साथ खड़ी है। स्कूलों में अध्यनरत बच्चियों के लिए सावित्रीबाई फुले समृद्धि योजना का संचालन किया गया। 

इस योजना के तहत अब तक लगभग 10 लाख स्कूली छात्राओं को राज्य सरकार आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से अपील किया कि अब आप अपने बच्चों की पढ़ाई की चिंता बिल्कुल न करें। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 15 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए आपको किसी तरह की गारंटी देने की जरूरत नहीं है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में कोयला, लोहा, अभ्रक सहित तमाम खनिज संपदा उपलब्ध है, बावजूद उसके राज्य का खजाना खाली दिख रहा था। जब इस विषय पर चिंतन किया गया तब पता चला कि खनन कार्य का केंद्र सरकार के ऊपर राज्य का 1 लाख 36 करोड़ रुपया बकाया है। कई बार राज्य सरकार द्वारा बकाया राशि के भुगतान हेतु केंद्र सरकार से निवेदन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि खनन कंपनियों से राज्य सरकार बकाया राशि की वसूली कर सकती है। जैसे ही यह आदेश आया तो हमने अपना कार्य को तेज किया। 

*आने वाले 5 वर्षों में राज्य के 20 लाख आवास विहीन परिवारों का होगा अपना आशियाना* 

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य की आधी आबादी जिनका उम्र 21 से 50 वर्ष है उन्हें हर वर्ष 12 हजार रुपए देने का निर्णय लिया। आज इस योजना से करीब 50 लाख महिलाएं जुड़ चुकी है जिनके खाते में सम्मान राशि जा हस्तांतरित किया गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य में आपकी अपनी सरकार है। सोना सोबरन योजना के तहत आपको वर्ष में दो बार वस्त्र देने का कार्य किया जा रहा है। पूर्व की सरकार ने इस राज्य का 11 लाख राशन कार्ड डिलीट कर दिया था। आपकी अपनी सरकार ने 20 लाख लोगों के लिए राशन कार्ड बांटने का कार्य किया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने राशन दिया, तन ढकने के लिए कपड़ा दिया अब आवास दे रहे हैं। पहले केंद्र सरकार से आवास मिलता था। हम लोग केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री आवास योजना में जो झारखंड के हिस्सा है उसकी मांग की ताकि राज्य के गरीबों के लिए आवास बनाया जा सके। लेकिन वह पैसा हमें नहीं मिला। कई बार दिल्ली गए ताकि गरीबों के लिए आवास आवंटित हो सके लेकिन केंद्र सरकार ने आवास आवंटित नहीं किया। इसके बाद राज्य सरकार ने अपने बदौलत सर्वे कराकर 20 लाख से अधिक गरीब परिवार को चिन्हित किया और इन सभी को आवास देने का संकल्प उठा लिया। जबकि केंद्र सरकार द्वारा मात्र 4 लाख 30 हजार गरीबों को चिन्हित किया गया था। अब आने वाले समय में चिन्हित सभी 20 लाख लोगों को तीन कमरों वाला पक्का मकान से आच्छादित किया जाएगा। 

*अब 18 वर्ष उम्र से ही बहन-बेटियों को मिलेगा "झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना" लाभ* 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्यवासियों के लिए 200 यूनिट बिजली फ्री कर दिया है। गरीबों का बकाया बिजली बिल भी माफ कर दिया गया है इससे संबंधित आदेश जल्द निर्गत कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार साल में 12 हजार रुपए देने के लिए "झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना" लेकर नही आयी है बल्कि आने वाले 5 साल में हम हर घर में 1 लाख रुपए की सहायता राशि पहुंचाएंगे। यह सहायता राशि कैसे आपके घरों तक पहुंचेगी वह मेरी जिम्मेदारी है। मुझे पता है कि हमारे गांव-देहात में लाखों परिवार ऐसे हैं जो अपना घर चलाने के लिए महाजनों से कर्ज लेते हैं और अपनी जरूरत को पूरा करते हैं। लेकिन आने वाले 5 साल के अंदर ऐसा व्यवस्था को ऐसा मजबूत करेंगे कि किसी के आगे आपको हाथ फैलाने की जरूरत नही पड़ेगी। 

मुख्यमंत्री ने उपस्थित महिलाओं से कहा कि राज्य सरकार बहन-बेटियों के उत्थान के लिए समर्पित भाव से कम कर रही है। अब 21 से 50 वर्ष के उम्र की बेटी-बहनों को ही नहीं बल्कि 18 वर्ष से ऊपर उम्र की बेटी-बहनों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा। बहुत जल्द इस योजना में उम्र की संख्या 21 से घटाकर 18 की जाएगी। *बड़ी संख्या में हुई सरकारी नियुक्तियां* मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 4 वर्षों में हजारों की संख्या में सरकारी नियुक्तियां की है। विभिन्न विभागों में लगभग 45 से 50 हजार सरकारी नियुक्तियां की गई हैं वहीं 45 हजार सरकारी नियुक्तियों का कार्य प्रगति पर है। निजी क्षेत्र में भी अब तक डेढ़ से 2 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जब तक उनकी सरकार है नियुक्तियों का सिलसिला जारी रहेगा। *दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल में कुल 70,49,27,000 रुपये की सम्मान राशि हस्तांतरित की गई* मौके पर मुख्यमंत्री द्वारा दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल अंतर्गत झारखंड "मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना" के तहत राँची जिले में कुल 33,54,95,000 रुपये की सम्मान राशि प्रदान किया गया। वहीं खूंटी जिले में कुल 7,52,93,000 रुपये की सम्मान राशि, गुमला जिले में कुल 13,65,60,000 रुपये की सम्मान राशि, लोहरदगा जिले में कुल 8,07,81,000 रुपये की सम्मान राशि, सिमडेगा जिले में कुल 7,67,98,000 रुपये की सम्मान राशि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई। 

इस प्रकार दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल में कुल 70,49,27,000 रुपये की सम्मान राशि हस्तांतरित कर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है। *इनकी रही उपस्थिति..* *इस अवसर पर मंत्री श्री रामेश्वर उरांव, मंत्री श्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री श्रीमती बेबी देवी, सांसद श्री सुखदेव भगत, राज्यसभा सांसद श्रीमती महुआ माजी, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन, विधायक श्री राजेश कच्छप, विधायक श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक श्री विकास सिंह मुंडा, विधायक श्री जिगा सुसारन होरो, विधायक श्री भूषण तिर्की, पूर्व सांसद श्री सुबोध कांत सहाय, झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री केशव महतो कमलेश, जीपी श्री अनुराग गुप्ता, आईजी रांची श्री अखिलेश झा, डीआईजी रांची श्री अनूप बिरथरे सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में लाभुक महिलाएं उपस्थित रहे।

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