रांची स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL) में 24 जनवरी से 29 जनवरी तक आयोजित फैकल्टी डवेलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का समापन हुआ।

झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय कुलपति प्रो क्षिति भूषण दास समापन समारोह में शामिल रहे। इस दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षकों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए विशेषज्ञों और अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने उच्च शिक्षण संस्थानों में बेहतर माहौल बनाने, शिक्षण विधियों में नयी तकनीकों का उपयोग करने और अन्य कई विषयों पर मार्गदर्शन दिया। प्रोग्राम का उद्घाटन सत्र प्रोफेसर डॉ. शांता कुमार, डायरेक्टर, GNLU गांधी नगर के द्वारा हुआ। 

पहले दिन NUSRL ने इस कार्यक्रम के दौरान GNLU के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) भी किया। प्रोग्राम के दूसरे सत्रों में कई प्रमुख विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया इनमें मुख्य रूप से प्रोफेसर डॉ. एन. के. चक्रवर्ती, वीसी, NUJS, कोलकाता ने लीगल रिसर्च डिजाइन पर व्याख्यान दिया। डॉ. सत्याकी रॉय, को-ऑर्डिनेटर, NPTEL, IIT कानपुर ने ऑनलाइन कोर्स और उसके तकनीकी पहलुओं के बारे में जानकारी दी।

डॉ. अंशुमान हजारिका, असिस्टेंट प्रोफेसर, IIM रांची ने केस स्टडी आधारित शिक्षण के महत्व और तकनीक के माध्यम से शिक्षा देने के बारे में बताया।प्रोफ़ेसर लिसा पी. लुकोसे ने शिक्षण उपकरणों और विधियों के बारे में विस्तार से चर्चा की।मिसेज रामा कोंडापल्ली ने NAAC रैंकिंग सुधारने के तरीकों पर प्रकाश डाला। 

श्री भाविन पटेल, निदेशक, ट्रस्टब्रिज रूल ऑफ लॉ फाउंडेशन ने डिप्लोमा कोर्स डिज़ाइन और छात्रों की जरूरतों के आधार पर कोर्स निर्माण पर जानकारी दी। NUSRL के कुलपति डॉ. प्रो. अशोक आर. पाटिल ने कहा, "यह हमारे विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था, जहाँ हम शिक्षकों के साथ-साथ विश्वविद्यालय और छात्रों के विकास के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर सके। 

इस कार्यक्रम ने सभी में एक नई ऊर्जा का संचार किया है, और हम नये सत्र की शुरुआत उत्साह के साथ करेंगे। यह पांच दिनों का कार्यक्रम हमारे लिए बहुत लाभकारी रहा है।" यह FDP प्रोग्राम शिक्षकों की क्षमताओं को और मजबूत करने के साथ-साथ विश्वविद्यालय के शैक्षिक वातावरण में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read