*एक नक्सल प्रभावित गाँव में घर के दरवाजे पर प्रमाणित मतदाता की पहचान के लिये स्टिकर चिपकाने का कदम मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिये बेहद प्रभावी साबित हुआ. इससे झारखण्ड में मतदान प्रतिशत बढ़ा और पारदर्शिता भी बढ़ी. तस्वीरें चुनाव आयोग के सौजन्य से.

निर्वाचन आयोग ने 2024 में किसी अप्रिय घटना से मुक्त स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शिता से शांतिपूर्ण लोकसभा और विधानसभा चुनाव संपन्न कराने के लिये देश के तीन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करनेवाले राज्यों में से एक के रूप में झारखण्ड की सराहना की. 

इस उल्लेखनीय उपलब्धि की प्राप्ति की पृष्ठभूमि में 2004 बैच के आईएएस अधिकारी और झारखण्ड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रवि कुमार के असाधारण नेतृत्व को श्रेय दिया जा रहा है. 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में उन्होंने चुनाव आयोग के निर्देशों का ज़मीनी स्तर पर न केवल प्रभावी रूप में कार्यान्वयन सुनिश्चित किया बल्कि अपने इनोवेटिव आइडियाज से मतदान प्रतिशत को भी बढ़ाया. नक्सल प्रभावित क्षेत्र में भी चुनाव शांति और निष्पक्षता से संपन्न होना बहुत बड़ी उपलब्धि है. 

*झारखण्ड के एक अन्य गाँव में मतदाताओं की सूची की जाँच करते बूथ स्तर (मतदान केन्द्र) के अधिकारी.

श्री कुमार ने पिछले 25 जनवरी, 2025 को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किया. झारखण्ड स्टेट न्यूज़. कॉम (JharkhandstateNews.com) के सलाहकार संपादक संतोष दीपक ने श्री कुमार से साक्षात्कार के दौरान यह समझने की कोशिश की कि कैसे घोटाले, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक दक्षता में कमी के कारण चर्चित एवं सुर्खियों में रहनेवाले झारखण्ड को इस सम्मान को हासिल करने का अवसर मिला. 

आखिर वे कौन से कारण हैं जिसके कारण जनजातीय बहुल झारखण्ड ने बहुत शानदार तरीके से लोकतंत्र के इस महापर्व में कुछ महीनों के अंतराल पर दो-दो बार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया. बातचीत के दौरान श्री कुमार ने अपनी पूरी विनम्रता प्रदर्शित की और उपलब्धियों का श्रेय निर्वाचन आयोग द्वारा अच्छी तरह से परिभाषित दिशानिर्देशों के साथ ही टीम भावना को दिया और विशेष रूप से मतदान केन्द्र स्तर के पदाधिकारियों (बीएलओ) की सराहनीय भूमिका की प्रशंसा की. 

*मतदाताओं की सूची और उनके घर के दरवाजे पर स्टीकार चिपकाते और पहचाने गये और पंजीकृत मतदाताओं के प्रमाण को सुनिश्चित करते के. रवि कुमार, आईएएस, मुख्य चुनावी अधिकारी, झारखण्ड.

पात्र मतदाताओं की पहचान करने और सभी घरों को एक टिक मार्क के साथ चिह्नित करने के लिये डोर-टू-डोर अभियान आयोजित हुआ और बूथ स्तर के अधिकारियों ने इस कार्य को प्रभावी ढंग से निष्पादित किया. श्री कुमार ने अच्छी तरह से प्रशिक्षित बूथ स्तर के अधिकारियों के महत्व पर जोर दिया. 

उन्होंने सुनिश्चित किया कि योग्य और अनुभवी प्रशिक्षकों से उन्हें प्रशिक्षण प्राप्त हो. उन्होंने कहा कि सक्षम, कुशल और अनुभवी अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने एकजुटता से काम किया. उन्होंने कहा कि यह पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण है. 

श्री कुमार ने उन सभी के योगदान को स्वीकार किया जिन्होंने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में योगदान दिया.

 

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