द आर्ट ऑफ लिविंग (TAOL) और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ, रांची (NUSRL) के बीच एक महत्वपूर्ण साझेदारी के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह समझौता बेंगलुरू में कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल द्वारा श्री श्री रविशंकर से मुलाकात के दौरान हुआ। 

इस साझेदारी का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में जीवन कौशल, तनाव प्रबंधन और भावनात्मक कल्याण को एकीकृत करना है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है। द आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से श्री राजीव नंबियार (संस्थागत कार्यक्रमों के निदेशक) और NUSRL के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। 

यह सहयोग छात्रों और शिक्षकों के जीवन की चुनौतियों का सामना करने और शैक्षणिक व व्यावसायिक रूप से मजबूत बनने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस साझेदारी के तहत, NUSRL के छात्रों को द आर्ट ऑफ लिविंग का यूथ एम्पावरमेंट एंड स्किल्स प्रोग्राम (YES!+) दिया जाएगा। 

इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को तनाव प्रबंधन, एकाग्रता, आत्मविश्वास और बेहतर पारस्परिक संबंधों जैसे जीवन कौशल में सुधार करना है। 

*मुख्य उद्देश्य:* 

तनाव और परीक्षा से संबंधित चिंता को प्रबंधित करना 

* संचार, टीमवर्क और निर्णय लेने के कौशल में सुधार करना 

* स्वस्थ आदतों, सामाजिक जिम्मेदारी और वैश्विक नागरिकता को बढ़ावा देना 

* आत्म-जागरूकता, सकारात्मक दृष्टिकोण और भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देना 

* इसके अलावा, यह साझेदारी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी फायदेमंद है। फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) के तहत शिक्षकों को तनाव प्रबंधन, उत्पादकता में सुधार और सामंजस्यपूर्ण पारस्परिक संबंध बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 

 इस साझेदारी पर कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल ने कहा, "शिक्षा केवल अकादमिक उत्कृष्टता के बारे में नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण विकास और समाज में सार्थक योगदान देने के लिए है। 

द आर्ट ऑफ लिविंग के साथ यह सहयोग हमारे छात्र और शिक्षकों को जीवन कौशल और बेहतरीन दिनचर्या के लिए प्रेरित करेगा। एक बेहतर जीवन शैली ही व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।"

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