पत्र सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित झारखंड के चार पत्रकारों का एक दल महाकुंभ 2025 का दौरा कर कल वापस लौट आया। पत्रकारों का यह दल रविवार दिनांक 23 फरवरी 2025 की शाम को कुंभ के लिए रवाना हुआ था। 

इनमें गांडीव के संपादक श्री अमरकांत, नक्षत्र चैनल के हेड श्री दीपक ओझा, खबर मंत्र के निदेशक श्री सौरभ कुमार तथा लाइव न्यूज़ टीवी के वरिष्ठ संपादक श्री राजेश तोमर शामिल थे। इस दल के 'कंडक्टिंग ऑफिसर' के रूप में पत्र सूचना कार्यालय, रांची के कार्यालय प्रमुख तथा भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी श्री राजेश सिन्हा थे। 

प्रयागराज पहुंचने के उपरांत, दो दिवसीय इस पत्रकार दौरे के पहले दिन सभी ने संगम घाट पर जाकर वहां के स्थिति का मुआयना किया। फिर प्रयागराज किले के ऐतिहासिक महत्व को समझने के लिए किले के अंदर बने सरस्वती कुंभ गए। 

उसके बाद विभिन्न मंदिरों का दौरा कर उसके ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व को समझा। पहले दिन शाम को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत महाकुंभ मेला क्षेत्र में बने कला ग्राम का दौरा किया, जिसमें देशभर से आए कलाकारों का प्रदर्शन पूरे कुंभ के दौरान चलता रहा। इसमें हस्तकला, शिल्प कलाकारी के अलावा संगीत नृत्य और पुस्तक प्रकाशकों के द्वारा पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी जिनमें "नाट्यशास्त्र" जैसी बहुत ही महत्व की पुस्तकें थी। 

इसी कला ग्राम में भागीरथी नदी के उद्गम की पौराणिक कथा का ऑडियो विजुअल शो को भी सभी ने देखा जो अपने नई तकनीक की वजह से काफी प्रभावशाली लगा। 

प्रेस टूर के दूसरे दिन सभी पत्रकारों ने विभिन्न आश्रमों का दौरा किया जिनमें पायलट बाबा आश्रम भी शामिल था। यहां उन्होंने आश्रम के शंभू सरकार बाबा से सनातन धर्म के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और आश्रम द्वारा योग, ध्यान, हवन जैसे विषयों पर चर्चा की और उनके द्वारा सनातन धर्म के लिये देश- विदेश में किए जा रहे प्रचार प्रसार पर जानकारी हासिल की। 

तत्पश्चात पत्रकारों ने मेला प्राधिकरण के कार्यालय में जाकर सेंट्रलाइज कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में पूरे मेला प्रबंधन के रियल टाइम टेक्नोलॉजी का निरीक्षण किया और उसके विभिन्न पहलुओं की जानकारी हासिल की। 

इस मौके पर उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पत्रकारों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन टेक्नोलॉजी के मदद से किये जा रहे कार्यों को बताया। इसके बाद भारत सरकार के द्वारा कुंभ के डिजिटल एक्सपीरियंस कैंप में जाकर महाकुंभ के उद्गम और उसके महत्व पर पौराणिक कथा के आधार पर बनाई गई ऑडियो विजुअल प्रेजेंटेशन को देखा। 

पत्रकारों के दल ने इस दौरान कई आम लोगों से मुलाकात करके महाकुंभ प्रबंधन के विभिन्न पक्ष के बारे में उनकी प्रतिक्रिया ली। साथ में गए अधिकांश पत्रकारों ने कुंभ प्रबंधन को लेकर प्रशासन की तारीफ की। 26 फरवरी 2025 को यह दल अपना दौरा पूरा कर वापस रांची आ गया। 

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