झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की सक्रियता की वजह से रूस की ओओओ एलइव्ही स्टोरी जो इस्टा कंस्ट्रक्शन कंपनी के कॉरपोरेट पार्टनर है, में स्टील फिक्सर के रूप में कार्यरत स्वर्गीय रवि कुमार के पार्थिव शरीर उनके गृहनगर गढ़वा लाया गया। 

बता दें कि स्वर्गीय रवि कुमार के पिता श्री सच्चिदानंद चौधरी ने विभाग द्वारा संचालित राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष में अपने बेटे की मृत्यु को लेकर सूचना दी थी। तदोपरांत नियंत्रण कक्ष ने प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट से संपर्क करते हुए भारतीय दूतावास, मास्को के सेकंड सेक्रेेटरी (कांउसुलर) से संपर्क स्थापित किया। 

परिणामस्वरूप कंपनी द्वारा पार्थिव शरीर को स्वदेश भेजने की प्रक्रियाओं में तेजी आई और दूतावास ने भी आवश्यक दस्तावेजीकरण पूर्ण कर मृतक के शव को एनओसी प्रदान की। 

स्वर्गीय रवि कुमार चौधरी का पार्थिव शरीर फ्लाइट संख्या एसयू 232 द्वारा मास्को से 19 मार्च को दिल्ली रवाना किया गया और 20 मार्च को उनका शव दिल्ली पहुंच गया। रवि कुमार चौधरी के पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने में गढ़वा के उपायुक्त ने विभागीय स्तर पर समन्वय स्थापित करने में महती भूमिका निभाई।
 

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