झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक खुला पत्र में लिखाः

केंद्र द्वारा पारित वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में झारखंड विधानसभा से प्रस्ताव पारित करे।

 

तनवीर अहमद एक सामाजिक कार्यकर्ता है। झारखण्ड के मुख्यमंत्री माननीय हेमंत सोरेन को एक खुला पत्र में लिखाः

 


सेवा में
माननीय श्री हेमन्त सोरेन जी,
मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार
रांची
तिथि : 08 अप्रैल, 2025

विषय: केंद्र द्वारा पारित वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के विरोध में झारखंड विधानसभा से प्रस्ताव पारित करने के संबंध में।

आदरणीय महोदय,

मैं, तनवीर अहमद, झारखंड राज्य का एक जागरूक नागरिक होने के नाते, झारखण्ड के 70 लाख अल्पसंख्यक समाज की ओर से राज्य के वक्फ हितों और अल्पसंख्यक अधिकारों को लेकर जो एक गंभीर विषय है जिसकी चिंता से आप तको अवगत करना चाहता हूँ।

माननीय आप को ज्ञान हो की अक्टूबर 2024 में केरल राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण, खेल, वक्फ और हज मंत्री वि. अब्दुरहमान ने नियम 118 के तहत केरल विधानसभा में एक प्रस्ताव लाकर केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे वक्फ संशोधन विधेयक 2024 जो अब वक्फ संसोधन 2025 क़ानून बन गया है का विरोध किया। 

 

यह विधेयक राज्य सरकारों और उनके तहत वक्फ बोर्डों के अधिकारों को समाप्त कर केंद्र के अधीन लाने का प्रयास करता है, जो भारत के संविधान में निहित संघीय ढांचे और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है।

माननीय मुख्यमंत्री जी केरल सरकार का यह रुख लोकतंत्र और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक सराहनीय पहल है। झारखंड भी एक सेक्युलर और अल्पसंख्यक-हितैषी राज्य रहा है। ऐसे में हम आपसे निवेदन करते हैं कि केरल राज्य की तर्ज़ पर झारखंड विधानसभा में भी एक प्रस्ताव पारित किया जाए, जिसमें यह स्पष्ट रूप से घोषित किया जाए कि झारखंड राज्य इस वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को लागू नहीं करेगा।

यह विधेयक न केवल राज्यों के अधिकारों को छीनने का कार्य करेगा, बल्कि वक्फ सम्पत्तियों की सुरक्षा, अल्पसंख्यक समुदायों की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी खतरे में डालेगा। साथ ही, इससे देश के धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों को भी ठेस पहुँचेगी।

 

यह संशोधन विधेयक वक़्फ़ बोर्ड की संरचना में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति, जिला प्रशासन को अनावश्यक अधिकार देने और राज्य की भूमिका को सीमित करने जैसे प्रावधानों के माध्यम से वक़्फ़ की आत्मनिर्भरता पर सीधा हमला करता है। यह विधेयक हिंदू एंडॉवमेंट्स एक्ट की तरह समानता के सिद्धांतों का भी उल्लंघन करता है, जिसमें ऐसी व्यवस्था नहीं है।

हमें पूर्ण विश्वास है कि आप इस संवेदनशील मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेंगे और वक़्फ़ बोर्ड तथा मुस्लिम समाज के हित में एक साहसिक कदम उठाते हुए विधानसभा में आवश्यक प्रस्ताव पारित करवाएंगे।

आपकी संवेदनशीलता और नेतृत्व पर हमें पूरा भरोसा है।
आप का बहुत बहुत धन्यवाद

भवदीय
तनवीर अहमद
(सामाजिक कार्यकर्ता)
रांची, झारखंड
9431101971

Cc : श्री हाफिज़ूल हसन अंसारी, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री, झारखण्ड सरकार
डॉ. इरफ़ान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री, झारखण्ड सरकार

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read