Photo: IPRD

मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में दर्ज जनशिकायतों के निष्पादन में निराशाजनक प्रदर्शन करने वाले जिलों और विभागों के नोडल पदाधिकारियों पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील वर्णवाल ने नाराजगी जतायी। मंगलवार को सूचना भवन में जनसंवाद की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान यह बात सामने आयी कि पलामू, गिरिडीह, हजारीबाग, चतरा, रांची, दुमका, धनबाद, देवघर और गढ़वा जिले में एक-एक हजार से भी अधिक संख्या में जनशिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ने इन सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक सप्ताह अनिवार्य रूप से जनसंवाद में दर्ज मामलों की स्वयं समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि जनशिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि मामलों के निष्पादन के नाम पर खानापूर्ति न हो और वाजिब शिकायत करने वालों को इंसाफ मिले, यह उपायुक्तों और नोडल पदाधिकारियों को सुनिश्चित करना होगा। 

धनबाद के सोनदाहा निवासी बैजनाथ महतो की अक्टूबर 2017 में बज्रपात से मृत्यु के बाद इनके आश्रित को अबतक मुआवजा नहीं दिये जाने की शिकायत पर गृह, करा एवं आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी ने बताया कि मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अबतक नहीं आई है। इसपर वर्णवाल ने कहा कि कैबिनेट के फैसले के अनुसार आपदा के ऐसे विशेष परिस्थितियों में जिसमें किसी कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाता है तब भी जिम्मेदार पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा देने का प्रावधान है। उन्होंने विभाग को एक सप्ताह के भीतर आश्रित को मुआवजा दिलाने का आदेश दिया, साथ ही उन्होंने  गृह, करा एवं आपदा प्रबंधन विभाग से सभी जिलों से इस तरह के मामले में एक वृस्तरित रिपोर्ट मांगी। 

देवघर जिला के बलथर गाँव स्थित बड़ा तालाब का घेराव वर्ष 2015 में टुट जाने से बरसात के दिनों में खेतों में तालाब के पानी के साथ बालू का जमाव हो जाता है। इस वजह से किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। तालाब की मरम्मती अबतक नहीं किए जाने पर संबन्धित नोडल अधिकारी ने बताया कि प्राक्कलन की स्वीकृति डीसी देवघर से अबतक नहीं हुई है। इसपर सीएम के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने लघु सिचाई विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के खिलाफ एक नोटिस जारी करने का निर्देश देते हुए एक सप्ताह में मामले को निष्पादित करने का आदेश दिया।

वर्ष 2016 में लोहरदगा जिले के कैरो अंचल की कुल 6 पंचायतों को सुखाड़ग्रस्त घोषित किए जाने के बावजूद अबतक सभी लाभुकों को मुआवजा का भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत पर सरकार के प्रधान सचिव ने कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के नोडल अधिकारी को अगले मंगलवार तक मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया। 

उपायुक्त कार्यालय, गिरिडीह में कार्यरत सभी कम्प्यूटर ऑपरेटरों को मानदेय नहीं मिलने के मामले पर विभाग के पदाधिकारी ने बताया कि कर्मियों का मानदेय प्रिविलेज इन्फोटेक सोलुशन प्राइवेट लिमिटेड नामक एजेंसी द्वारा किया जाना है। 

एजेंसी को राशि से अधिक भुगतान कर दिया गया था तथा वर्तमान में एजेंसी ने काम भी छोड़ दिया है, और निरंतर नोटिस भेजे दिये जाने के बाद भी एजेंसी से कोई जवाब मिल रहा है। श्री वर्णवाल ने कहा कि कि क्या एजेंसी के खिलाफ केस दर्ज हुआ तथा जिस पदाधिकारी की गलती से एजेंसी को ज्यादा भुगतान किया गया, क्या उसे चिन्हित कर कार्रवाई हुई? उन्होंने अगले मंगलवार तक इस मामले का निष्पादन करने का आदेश दिया। 

सदर अस्पताल, देवघर में अनुबंध पर लैब टेकनीशियन के पद पर कार्यरत मनोज कुमार मिश्रा को मार्च-2017 से अबतक (कुल 19 माह) के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। साथ ही मनोज कुमार मिश्रा एवं अन्य पारामेडिकल कर्मियों ने विभागीय संकल्प संख्या 29(10) दिनांक- 31.01.2014 के आलोक में संकल्प संख्या 531/04 के द्वारा अनुबंध पर कार्यरत सभी पारामेडिकल कर्मियों का नियमितीकरण अबतक नहीं किए जाने की भी शिकायत जनसंवाद में दर्ज कराई थी। शिकायत के आलोक में विभाग के अधिकारी ने बताया कि सभी पारामेडिकल कर्मियों का नियमितीकरण का मामला उच्च न्यायालय में लंबित है तथा मनोज कुमार मिश्रा का अबतक अवधि-विस्तार नहीं हुआ है और फलस्वरूप इनका मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसपर श्री वर्णवाल ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बिना अवधि-विस्तार किए और मानदेय के आप कैसे किसी से काम करवा सकते हैं। उन्होंने मामले को इस माह होने वाले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम ‘सीधी बात’ में रखने का निर्देश दिया।

सिमडेगा जिला के लवडेरा गाँव के लवडेरा डैम पिछले 10 वर्षो से क्षतिग्रस्त होने के कारण वहाँ के किसान डैम के जल का पूर्ण उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। सीएम के प्रधान सचिव ने संबन्धित विभाग के अधिकारी को फटकारते हुए कहा 10 वर्षों से डैम क्षतिग्रस्त है, उन्होंने जल-संसाधन विभाग को सभी इंजीनियर को राज्य के सभी क्षतिग्रस्त डैम की मरम्मती के लिए एक गाइडलाइन जारी करने का निर्देश दिया।

साहिबगंज की गुजरी शाह को मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का लाभ 5 वर्ष पूर्व आवेदन देने के बाद अबतक नहीं दिये जाने पर सीएम के प्रधान सचिव ने विभाग के अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर इस मामले की रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया। श्री वर्णवाल ने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना सभी मामलों को उस जिले के उपायुक्तों को अपने स्तर से समीक्षा करने का निर्देश दिया।  

झारखंड स्टेट प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, धुर्वा, राँची में असिस्टेंट एनवायरमेंटल इंजीनियर के पद पर कार्यरत प्रेम शीला की मृत्यु सेवाकाल के दौरान नवम्बर 2015 के बाद इनके आश्रित को अबतक अनुकंपा के आधार नौकरी नहीं दी गयी है। इस मामले की समीक्षा करते हुए वर्णवाल ने एक सप्ताह में आश्रित की नियुक्ति सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

पलामू में 15 वर्ष पूर्व अमानत नदी पर पुल एवं सड़क निर्माण के लिए ओझा पतरा गाँव के 25 रैयतों की जमीन अधिग्रहण के बाद अबतक मुआवजा का भुगतान लंबित रखने की शिकायत जनसंवाद में दर्ज कराई गयी थी। इस संबंध में पथ निर्माण विभाग के नोडल अधिकारी से पुछे जाने पर बताया गया कि जमीन का अधिग्रहण पूर्णतः नहीं किया जा सका है, जिसके कारण पूरी रिपोर्ट अबतक अप्राप्त है। सीएम के प्रधान सचिव ने विभाग के अधिकारी को डांटते हुए पूछा का अबतक आपने जमीन का अधिग्रहण पूरा नहीं कर पाये है। श्री वर्णवाल ने अधिकारी को 15 दिनों के अंदर मामले की पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। 
 

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