रांची : नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्ट्डी एंड रिसर्च इन लॉ, रांची (एनयूएसआरएल) में दो महत्वपूर्ण अतिथियों का स्वागत किया गया। सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणे की डीन प्रो. (डॉ.) शशिकला गुरपुर और धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जबलपुर के कुलपति प्रो. (डा.) मनोज कुमार सिन्हा रांची पहुंचे। 

एनयूएसआरएल के कुलपति प्रो. (डॉ) अशोक आर पाटिल ने इनका स्वागत किया। एनयूएसआरएल ने सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणे और धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जबलपुर के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर भी किया।

प्रो. (डॉ.) शशिकला गुरपुर ने एक विशेष सत्र के जरिए छात्रों को संबोधित किया जिसमें उन्होंने रोगी सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में एआई की भूमिका” पर विशेष चर्चा की। इस सत्र में उन्होंने छात्रों को समझाया कि कैसे बदलते वक्त के साथ एआई स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी एक अहम हिस्से के रूप में काम कर रहा है। इस सत्र के बाद प्रो. (डॉ.) शशिकला गुरपुर ने शिक्षकों के साथ बैठकर अकादमिक लेखन और प्रकाशन को प्रोत्साहन देने पर चर्चा की। इस आयोजन के साथ ही एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए। प्रो. (डा.) मनोज कुमार सिन्हा, कुलपति, धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने भी विशेष सत्र में शिक्षकों से बात की। साथ मिलकर कैसे नये अवसर, नयी तकनीक के बेहतर साधन विश्वविद्लाय के लिए तैयार कर सकते हैं इस पर चर्चा हुई।

एनयूएसआरएल, रांची और दोनों विश्वविद्लाय के बीच जिन अहम मुद्दों पर सहमति बनी है उनमें शोध कार्यक्रमों की जानकारी का आदान-प्रदान, शिक्षकों और छात्रों के लिए एक दूसरे के विश्वविद्लाय के द्वार खोलना संयुक्त शोध कार्य और प्रकाशन, शैक्षणिक संसाधनों का साझा उपयोग और अन्य सहयोगी गतिविधियों में एक दूसरे की मदद करना शामिल है।

प्रो. (डा.) मनोज कुमार सिन्हा, कुलपति, धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणे की डीन प्रो. (डॉ.) शशिकला गुरपुर ने इस मौके पर कहा कि उन्हें खुशी है कि विश्वविद्लाय साथ मिलकर एक दूसरे का सहयोग कर रहे हैं। एनयूएसआरएल के कुलपति प्रो (डॉ) अशोक आर पाटिल ने कहा, हम लगातार विश्वविद्लाय के लिए बेहतर शोध, बेहतर संसाधन और मजबूत शैक्षणिक माहौल के लिए प्रयासरत हैं। हमें खुशी है कि एनयूएसआरएल रांची अब सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणे जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रिसर्च के लिए पहचना रखता है और धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जबलपुर तकनीक और शैक्षणिक तौर पर मजबूत है हमारे साथ है और अब हम साथ मिलकर हमारे छात्र और शिक्षकों के लिए और बेहतर अवसर के द्वार खोल सकेंगे।

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read